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'मोटी हो, जिम जाओ...' महिला कर्मचारी पर कमेंट कर बुरा फंसा बॉस! देने होंगे 18 लाख

इन सबका महिला कर्मचारी के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा. आखिर में तंग आकर टेक्सटाइल फर्म में काम करने वाली महिला ने अपने बॉस के खिलाफ कोर्ट में केस दायर कर दिया. उसने दावा किया कि बॉस अक्सर अपने कर्मचारियों को धमकी देता था और उनसे गुलामों की तरह बर्ताव करता था.  

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महिला ने किया था बॉस के खिलाफ केस (Pic-  Facebook)
महिला ने किया था बॉस के खिलाफ केस (Pic- Facebook)

महिला कर्मचारी को 'मोटी' कहना एक बॉस को भारी पड़ गया. वो महिला को 'मोटी' कहकर बुलाता था और उसे जिम जाने की सलाह देता था. ऑफिस में बॉस के अपमानजनक आचरण से तंग आकर महिला ने उसके खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया. सुनवाई के बाद जज ने बॉस के खिलाफ फैसला सुनाया. जज ने बॉस को महिला कर्मचारी को 18 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया है. 

35 साल की महिला कर्मचारी का नाम आयशा जमानी है. स्कॉटलैंड के ग्लासगो की रहने वाली जमानी ने आरोप लगाया था कि उनका बॉस शहजाद यूनुस (45) ऑफिस में उन्हें 'मोटी' और दूसरे अपमानजनक नामों से बुलाता है. उसने कई बार महिला को भद्दे मैसेज भी भेजे. 

'मोटी और बदसूरत कहता था बॉस'

जमानी ने आरोप लगाया गया कि उसे बॉस द्वारा बॉडी शेम भी किया जाता था. वो कहता था कि ऑफिस में स्लिम और ब्यूटीफुल लड़कियों की जरूरत है. वो जमानी को मोटी और बदसूरत कहता था. 

'डेली रिकॉर्ड' के मुताबिक, ये सिलसिला करीब दो साल तक चलता रहा. इन सबका जमानी के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा. आखिर में तंग आकर टेक्सटाइल फर्म में काम करने वाली आयशा जमानी ने अपने बॉस के खिलाफ कोर्ट में केस दायर कर दिया. उन्होंने दावा किया कि यूनुस अक्सर अपने कर्मचारियों को धमकी देता था और उनसे गुलामों की तरह बर्ताव करता था.  

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हाल ही में कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि बॉस शहजाद यूनुस का आचरण 'अपमानजनक और आक्रामक' था. साथ ही कोर्ट ने उसे 18 लाख रुपये हर्जाने के तौर पर जमानी को देने का आदेश दिया. इस बीच बॉस ने जमानी पर गबन का आरोप लगाया, लेकिन उसे साबित नहीं कर सका. फिलहाल हर्जाने की रकम अभी जमानी को मिलना बाकी है. 

अब पब में बैठकर भी कर सकते हैं काम!

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