scorecardresearch
 

'बहुत शर्म की बात है कि...', तीन दिन बाद वापस लौटे ट्रूडो तो भड़क उठा कनाडा का मीडिया

जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आए कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो कभी खालिस्तान के मुद्दे पर घिरे तो कभी विमान में खराबी के चलते उनकी फजीहत हुई. कनाडा की मीडिया में भी ट्रूडो की खूब आलोचना हो रही है. वहां का मीडिया कह रहा है कि ट्रूडो ने कनाडा के विदेशी संबंधों को बर्बाद कर दिया.

Advertisement
X
जी20 में कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रुडो और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी का अभाव दिखा (Photo-The Canadian Press)
जी20 में कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रुडो और पीएम मोदी के बीच गर्मजोशी का अभाव दिखा (Photo-The Canadian Press)

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की हालिया भारत यात्रा शायद उनके सबसे खराब अनुभवों में से हो. जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आए ट्रूडो को जहां एक तरफ दूसरे नेताओं की तरह खास तवज्जो नहीं मिली तो वहीं दूसरी तरफ, उनके देश में भी इस दौरे को लेकर उनकी खूब फजीहत हुई है. सम्मेलन के खत्म होने के बाद बीते रविवार को ही ट्रूडो वापस लौटने वाले थे लेकिन विमान में आई तकनीकी खराबी के कारण उन्हें भारत में ही रुकना पड़ा. मंगलवार को वो भारत से कनाडा के लिए रवाना हुए. उनके कनाडा लौटते ही वहां की मीडिया एक बार फिर उन पर टूट पड़ी.

वहां के प्रमुख अखबार द टोरंटो सन ने लिखा कि ट्रूडो विदेशी मामलों में विफल हैं, अब कोई सुधार नहीं हो सकता. अखबार ने लिखा कि ट्रूडो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस तरीके से बर्ताव किया जैसे वो किसी कमजोर देश के नेता हों.

अखबार के राजनीतिक विश्लेषक लॉर्न गुंटर ने कहा, 'ट्रूडो विदेशी मामलों में बुरी तरह विफल साबित हुए हैं. ऐसा इसलिए नहीं कि उनके विमान में खराबी आ गई और उन्हें तीन दिनों तक भारत में रुककर दूसरे विमान का इंतजार करना पड़ा बल्कि इसलिए कि ट्रूडो को विदेशी मामलों के बारे में थोड़ी सी भी समझ नहीं है.'

गुंटर ने कहा कि अपने 8 सालों के कार्यकाल में ट्रूडो ने विदेशी संबंधों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. 

विमान में खराबी को लेकर भी कनाडा की मीडिया में ट्रूडो की फजीहत

Advertisement

विमान में आई खराबी को लेकर ट्रूडो भारत में बेहद असहज थे और वो सोमवार को ललित होटल के अपने कमरे से बाहर तक नहीं निकले. विमान की खराबी को लेकर भी कनाडा की मीडिया में ट्रूडो निशाने पर हैं.

कनाडा के टेलिविजन नेटवर्क CTV न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, 'यह शर्मनाक है, एक देश के तौर पर, हमारे लिए यह शर्म की बात है. एक प्लेन जिस पर हमारे प्रधानमंत्री यात्रा कर रहे हैं, उसमें खराबी आ गई जो दिखाती है कि हम किस तरह से अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का ख्याल रख रहे हैं.'

'पीएम मोदी और ट्रूडो का रिश्ता और खराब हुआ'

कनाडा के ग्लोबल न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और जस्टिन ट्रूडो के बीच अजीब सा रिश्ता है जिसका स्तर जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान और नीचे गिर गया. 

ग्लोबल न्यूज ने कहा, 'भारत की मीडिया में ट्रूडो को निशाना बनाया. ऐसी हेडलाइंस लगाई गईं कि शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रूडो को अलग-थलग कर दिया गया था. पीएम मोदी और ट्रूडो के बीच बस छोटी सी द्विपक्षीय मुलाकात हुई जबकि बाकी नेताओं के साथ पीएम मोदी ने लंबी और औपचारिक वार्ता की. मोदी और ट्रूडो के बीच तनाव कनाडा में चल रहे खालिस्तानी आंदोलन को लेकर है. भारत इसे लेकर लगातार आपत्ति जताता रहा है.'

Advertisement

कनाडा के न्यूज चैनल ने कहा कि ट्रूडो की यह दूसरी भारत यात्रा है जो बेहद खराब अनुभव वाली रही है. जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार साल 2018 में भारत आए थे और वो दौरा भी बेहद खराब रहा था. अपने उस दौरे में उन्होंने एक 'दोषी करार दिए गए आतंकवादी' को अपने साथ डिनर के लिए बुलाया था जिसके बाद उनकी खूब आलोचना हुई थी.

अपनी ही पार्टी के सांसद कर रहे ट्रूडो की आलोचना

कनाडाई अखबार द टोरंटो सन ने अपने एक लेख में भारत दौरे को लेकर ट्रूडो की तीखी आलोचना की है. अखबार ने लिखा कि ट्रूडो एक बेहद खराब दौरा कर देश वापस लौटे हैं.

अखबार ने लिखा, 'जी20 शिखर सम्मेलन में आई तस्वीरें सबूत हैं कि ट्रूडो से कोई भी बात करना या हाथ मिलाना नहीं चाहता था. वो दुखी लग रहे थे. और उनका विमान भारत में दो दिनों तक खड़ा रहा.'

ट्रूडो के इस भारत दौरे ने उनकी घरेलू राजनीति के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. कनाडाई अखबार ने लिखा कि जहां ट्रूडो भारत में उपेक्षा का शिकार हो रहे थे, वहीं, कनाडा में उनके मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पियरे पोइलिवरे के लिए वो वीकेंड उनके राजनीतिक करियर का सबसे अच्छा वीकेंड था. और तो और लिबरल पार्टी के नेता ट्रूडो की खुद की पार्टी के सांसद उनकी आलोचना कर रहे हैं. 

Advertisement

नाम न बताने की शर्त पर एक सांसद ने कहा, 'ये वहीं प्रधानमंत्री हैं जो अपने नेताओं को पूरी बात खत्म करने से पहले ही चुप करा देते हैं. आप कुछ भी कहें, वो उसे पसंद नहीं करते, हमेशा बीच में ही रोक देते हैं.' एक अन्य सांसद ने कहा, 'लोगों का उनसे मोहभंग हो चुका है. सचमुच...मोहभंग हो चुका है.'  

'भारत-कनाडा के रिश्ते आकर्टिक के बर्फ की तरह जम गए हैं'

कनाडा के अखबार नेशनल पोस्ट ने लिखा कि भारत और कनाडा के रिश्ते पहले ही डीप फ्रीज में थे और ट्रूडो के भारत दौरे से वो आकर्टिक के बर्फ की तरह जम गए हैं. जी20 रिश्तों को सुधारने का बेहतर मौका था लेकिन ऐसा हो नहीं सका.

अखबार ने लिखा कि पीएम मोदी ने जो बाइडेन और बाकी नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता की लेकिन ट्रूडो के साथ बस 10 मिनट की बिना मतलब की बातचीत की. कनाडा के लोगों ने देखा कि शिखर सम्मेलन में ट्रूडो मोदी से हाथ मिलाते हुए असहज थे और उन्होंने मोदी से दूरी बना ली. ट्रूडो नेताओं के लिए आयोजित डिनर में भी शामिल नहीं हुए जो एक बड़ी गलती थी. इसे मेजबान भारत के अपमान के रूप में देखा गया. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement