लखनऊ के केजीएमयू धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है जिसमें आरोपी रमीज मलिक अपनी 18 दिनों की फरारी के दौरान कई डॉक्टरों से संपर्क में था और लाखों रुपये के फंड का इस्तेमाल फरारी में किया. यह फंड संदिग्ध खातों के जरिये भेजा गया था जिसमें प्रतिबंधित संगठन PFI से जुड़े लोग शामिल थे. पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी को महंगे वकील हायर करने की कानूनी सलाह भी मिली थी.