लखनऊ में अलाया अपार्टमेंट हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 14 लोगों को बचाया गया. इसमें सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर का 6 वर्षीय बच्चा मुस्तफा भी शामिल है. बच्चे का इलाज एसपीएम सिविल अस्पताल में चल रहा है. मुस्तफा ने बताया कि कैसे उसकी जान एक कार्टून ने बचा ली.
मुस्तफा ने कहा, 'जब पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट हिल रहा था तो वह बेड के नीचे छिप गया था.' उसने बताया कि वह एक कार्टून देखता है, जिसमें बताया गया था कि भूकंप के समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, जैसे ही उसे लगा कि इमारत हिल रही है, उसे याद आ गया और वह तुरंत बेड के नीचे छिप गया था.
एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए मुस्तफा ने कहा, 'मैं डर गया था लेकिन मुझे कार्टून शो 'डोरेमोन' का एक एपिसोड याद आया जिसमें नोबिता (श्रृंखला का केंद्रीय पात्र) को भूकंप के दौरान बेड के नीचे शरण लेकर खुद को बचाने के बारे में सिखाया गया था, एक सेकंड बर्बाद किए बिना मैंने बेड के नीचे शरण ली.'
बेड के नीचे छिपने के दौरान मुस्तफा ने कहा कि उसने अपनी मां को दौड़ते हुए देखा और देखते ही देखते पूरी इमारत ढह गई और सब कुछ अंधेरा हो गया. उसे कुछ भी याद नहीं आ रहा था कि उसके बाद क्या हुआ, लेकिन देखा कि कुछ अजनबी उसे कहीं ले जा रहे हैं. मुस्तफा के पिता अब्बास हैदर घटना के समय घर में नहीं थे.
मुस्तफा के दादा और कांग्रेस नेता अमीर हैदर इस घटना में बच गए और वर्तमान में उसी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. इस घटना में मरने वालों में मुस्तफा की 30 वर्षीय मां उज्मा हैदर और उनकी दादी बेगम हैदर शामिल हैं.
बिल्डर समेत तीन लोगों पर FIR
इस बीच बुधवार को अलाया अपार्टमेंट के बिल्डर के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 420 (धोखाधड़ी), 120 बी (आपराधिक साजिश) और आपराधिक धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई. अधिकारियों ने कहा कि मोहम्मद तारिक, नवाजिश शाहिद और फहद यजदानी के खिलाफ हजरतगंज पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच करने और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम में लखनऊ मंडल की आयुक्त रोशन जैकब, संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता शामिल हैं.