लखनऊ के FI टॉवर के अवैध फ्लैट के ध्वस्तीकरण पर हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने रोक लगा दी है. लखनऊ बेंच में जस्टिस राजन राय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की डबल बेंच ने ये आदेश दिया. FI टॉवर के सातवें और आठवें फ्लोर के 24 फ्लैट को LDA ने अवैध घोषित किया था. एलडीए ध्वस्तीकरण का नोटिस दे चुकी है. फ्लैट में रहने वाले परिवारों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी.
याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मामले के निस्तारण तक ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है. कल लखनऊ विकास प्राधिकरण ने FI टॉवर की पार्किंग में बनी दुकानों को ध्वस्त किया था और एफआई हॉस्पिटल को सील किया था. FI टॉवर और FI हॉस्पिटल मुख्तार अंसारी के करीबी बिल्डर सिराज अहमद का है. लखनऊ पुलिस को सिराज अहमद की तलाश है.
अस्पताल सील
गौरतलब है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मुख्तार अंसारी के करीबी बिल्डर के एफआई हॉस्पिटल को सील कर दिया. यह अस्पताल लखनऊ में बर्लिंगटन क्रॉसिंग पर स्थित है. मुख्तार अंसारी के करीबी बिल्डर शोएब इकबाल, मोनिस इकबाल, सिराज अहमद और माइकल इनके खिलाफ कैसरबाग में एफआईआर दर्ज है. सिराज और माइकल को पुलिस ढूंढ रही है. मोनिस को गिरफ्तार करके पहले जेल भेजा जा चुका है.
लोग बोले- जब ये फ्लैट बन रहे थे, तब कहां था एलडीए
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की इस कार्रवाई से FI टॉवर में रहने वाले लोग नाराज हैं. उनका कहना है कि जब यह फ्लैट बन रहे थे, तब लखनऊ विकास प्राधिकरण कहां था. अगर यह फ्लैट अवैध थे, बिना नक्शा पास करवाए बने थे, तब एलडीए ने क्यों नहीं रोका. हमने तो अपनी कमाई देकर फ्लैट खरीदा है. बिल्डर ने पैसा कमाया और बिल्डिंग बेचकर भाग गया. अब हम लोग कहां जाएंगे.