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दुनिया की आबादी से ज्यादा हो जाएंगे मोबाइल फोन नंबर

मोबाइल फोन सेवा के विस्तार की मौजूदा गति के मुताबिक वर्ष 2014 तक दुनिया की आबादी से अधिक सेल फोन नंबर हो जाएंगे. यह बात इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस युनियन  ने एक नई रिपोर्ट में कही.

मोबाइल फोन सेवा के विस्तार की मौजूदा गति के मुताबिक वर्ष 2014 तक दुनिया की आबादी से अधिक सेल फोन नंबर हो जाएंगे. यह बात इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस युनियन (आईटीयू) ने एक नई रिपोर्ट में कही.

आईटीयू के 'मेजरिंग द इनफोर्मेशन सोसायटी 2012' के मुताबिक अभी ही 100 से अधिक ऐसे देश हैं, जहां आबादी से अधिक मोबाइल फोन नंबंरों की संख्या हो चुकी है.

आईटीयू के मुताबिक मोबाइल फोन नंबर की मौजूदा संख्या छह अरब 2014 तक बढ़कर 7.3 अरब हो जाएगी, जबकि जनसंख्या सात अरब रहेगी.

चीन एक अरब से अधिक मोबाइल फोन नंबरों वाला पहला देश बन चुका है. जल्द ही भारत भी इस सूची में शामिल हो जाएगा.

रूस में मोबाइल फोन नंबरों की संख्या 25 करोड़ है और यह आबादी की तुलना में 1.8 गुणा है. ब्राजील में सेल फोन नंबरों की संख्या 24 करोड़ पहुंच चुकी है और यह देश की आबादी का 1.2 गुणा है.

छह अरब सेल फोन नंबरों में से 1.1 अरब मोबाइल-ब्रॉडबैंड हैं, जो फिक्स्ड-ब्रॉडबैंड की तुलना में दोगुणा है.

अध्ययन में चीन को स्मार्ट फोन का प्रमुख बाजार बताया गया. दुनिया में एक चौथाई इंटरनेट उपयोगकर्ता चीन में रहते हैं.

अध्ययन में हालांकि कहा गया कि दुनिया की दो-तिहाई आबादी अब भी इंटरनेट का उपयोग नहीं करती है.

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