क्या किसी देश पर होने वाले हमले का अंदाजा अमेरिका के किसी शहर में पिज्जा की अचानक बढ़ी बिक्री से लगाया जा सकता है. सुनने में यह अजीब लगता है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसी सोच से जुड़ी एक थ्योरी फिर चर्चा में है, जिसे लोग ‘पेंटागन पिज्जा थ्योरी’ कह रहे हैं.
यह बहस तब तेज हुई जब अमेरिका ने वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की. ठीक उसी समय अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन के पास स्थित एक पिज्जा आउटलेट पर देर रात अचानक भारी भीड़ देखी गई. शनिवार तड़के यह नजारा सोशल मीडिया यूजर्स की नजर में आ गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्जीनिया के आर्लिंगटन काउंटी में पेंटागन के पास मौजूद एक मशहूर पिज्जेरिया में 3 जनवरी की आधी रात के बाद ऑर्डर्स अचानक बहुत तेजी से बढ़ गए. ऑनलाइन ऑब्जर्वर्स ऐसे पैटर्न पर खास नजर रखते हैं. उनका मानना है कि जब पेंटागन के भीतर कोई बड़ा सैन्य या सुरक्षा ऑपरेशन चल रहा होता है, तो वहां काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक डटे रहते हैं. ऐसे में आसपास के पिज़्ज़ा और फास्ट फूड आउटलेट्स पर अचानक भीड़ बढ़ जाना असामान्य नहीं होता.
इस बार इस हलचल की ओर सबसे पहले पेंटागन पिज्जा रिपोर्ट नाम के एक सोशल मीडिया अकाउंट ने ध्यान दिलाया. यह अकाउंट पेंटागन के आसपास खाने-पीने की दुकानों की गतिविधियों पर नजर रखता है और प्लेटफॉर्म एक्स पर अपडेट साझा करता है. पोस्ट के मुताबिक, रात 2 बजकर 4 मिनट पर पेंटागन के पास मौजूद पिज्जाटो पिज्जा में ट्रैफिक अचानक बढ़ गया. यह गतिविधि करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक चली. फिर रात 3 बजकर 44 मिनट तक आउटलेट लगभग खाली हो गया, यानी करीब 90 मिनट तक असामान्य चहल-पहल रही.
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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. पिछले साल जून में भी पेंटागन के आसपास फूड आउटलेट्स पर देर रात इसी तरह की भीड़ देखी गई थी. बाद में उस समय को इजराइल ने ईरान पर संभावित हवाई हमलों की तैयारी से जोड़कर देखा गया था.
कोल्ड वॉर से जुड़ी है पिज्जा थ्योरी
इस थ्योरी की जड़ें कोल्ड वॉर के दौर तक जाती हैं. कहा जाता है कि उस समय सोवियत यूनियन के जासूसों ने यह पैटर्न नोटिस किया था कि जब भी अमेरिका कोई बड़ा कदम उठाने वाला होता है, तो पेंटागन और सीआईए के आसपास पिज्जा की मांग अचानक बढ़ जाती है.
एक चर्चित उदाहरण 1 अगस्त 1990 का है, जब डोमिनोज पिज्जा को सीआईए बिल्डिंग से अचानक बड़ी संख्या में ऑर्डर मिले. ठीक अगले दिन, 2 अगस्त को इराक ने कुवैत पर हमला कर दिया. इसके बाद से यह धारणा मजबूत होती गई कि जब आधी रात को पिज्जा की स्मेल आने लगे, तो दुनिया में कुछ बड़ा 'पक' रहा होता है.
आज भी सोशल मीडिया पर लोग इसी थ्योरी को याद करते हुए सवाल पूछ रहे हैं. क्या पेंटागन के पास देर रात पिज्जा की बढ़ी बिक्री सिर्फ संयोग है, या फिर यह बड़े सैन्य फैसलों का एक अनौपचारिक संकेत. जवाब भले साफ न हो, लेकिन यह थ्योरी हर बड़े घटनाक्रम के साथ फिर चर्चा में जरूर आ जाती है.