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सिंगापुर में रात 3 बजे बिना डर अकेली चली भारतीय महिला, लोगों ने पूछा–क्या भारत में मुमकिन है?

क्या भारत में कोई महिला रात के तीन बजे बिना डर और बिना झिझक अकेले चल सकती है. यही सवाल सोशल मीडिया पर तेजी से उठ रहा है. वजह है एक वीडियो, जो सिंगापुर का बताया जा रहा है.

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यह वीडियो कृतिका जैन ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था (Photos: @theroamingtoes/Instagram)
यह वीडियो कृतिका जैन ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था (Photos: @theroamingtoes/Instagram)

सोशल मीडिया पर शेयर हुए एक वीडियो ने एक बार फिर उस बहस को सामने ला दिया है, जो जानी-पहचानी भी है और सोचने पर मजबूर करने वाली भी. सिंगापुर में रहने वाली एक भारतीय महिला ने रात 3 बजे अकेले घर लौटते हुए अपना वीडियो रिकॉर्ड किया. यह न तो कोई स्टंट था और न ही ध्यान खींचने की कोशिश, बल्कि एक साधारण सा अनुभव था. वीडियो में खाली सड़कें, सन्नाटा और सबसे अहम बात डर का बिल्कुल न होना साफ दिखाई देता है.

यह वीडियो कृतिका जैन ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था. क्लिप में वह तड़के तीन बजे घर जाती नजर आती हैं. न उनके कदमों में जल्दबाजी है, न बार-बार पीछे देखने की बेचैनी और न ही चेहरे पर कोई तनाव. कई लोगों के लिए यही ‘सामान्यता’ सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रही.

‘यहां यह कोई लग्जरी नहीं है’
पोस्ट के कैप्शन में कृतिका ने लिखा कि यह पल उनके लिए इतना खास क्यों था. उन्होंने बताया कि सिंगापुर में रात के 3 बजे मैं अकेले घर जा रही हूं. न कोई डर है, न पीछे देखने की जरूरत. भारत में इस वक्त अकेले बाहर निकलने की मैं कल्पना भी नहीं कर सकती. लेकिन यहां यह बिल्कुल सामान्य लगता है. और यही फर्क है.सिंगापुर में यह कोई लग्जरी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है. मुझे इस शहर से प्यार इसकी इमारतों या टूरिस्ट जगहों की वजह से नहीं, बल्कि इस सुरक्षा के एहसास की वजह से है.

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देखें वायरल वीडियो

 

क्या भारत में ये मुमकिन है?

उनकी यह बात लोगों को इसलिए छू गई क्योंकि वह न तो किसी देश की तारीफ में बड़े दावे कर रही थीं और न ही तुलना कर रही थीं. वह सिर्फ उस सुकून की बात कर रही थीं, जिसे आज भी कई महिलाएं हर कदम पर सोच-समझकर महसूस करती हैं.यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच गया. कमेंट सेक्शन महिलाओं की आवाजों से भर गया.

एक यूजर ने लिखा कि यह वीडियो दिल को चुभ गया, क्योंकि सुरक्षित महसूस करना सामान्य होना चाहिए, जश्न की बात नहीं. दूसरी ने कहा कि मैं सिंगापुर में रह चुकी हूं, यहां हर वक्त सतर्क रहने की आदत अपने आप छूट जाती है. एक और टिप्पणी थी कि भारत में एक महिला होने के नाते यह वीडियो मुझे एक साथ खुश और उदास कर गया.

कई लोगों ने कहा कि असली लग्जरी चौड़ी सड़कें या ऊंची इमारतें नहीं, बल्कि बिना डर के चल पाने की आज़ादी है. कुछ ने उम्मीद जताई कि काश एक दिन हमारे शहर भी ऐसे बन सकें. किसी ने लिखा कि यह देशों की तुलना नहीं, बल्कि उस अधिकार की बात है, जो महिलाओं को हर जगह मिलना चाहिए.

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