देश के 30 प्रतिभावान छात्रों को प्रतिवर्ष आईआईटी की दहलीज पर पहुंचाने के लिए चर्चित सुपर-30 ने टाइम पत्रिका में एशिया की श्रेष्ठता सूची में स्थान पाकर एक और मील का पत्थर हासिल किया है.
पिछले वर्ष की आईआईटी-जेईई परीक्षा में आनंद कुमार के सुपर-30 के सभी 30 छात्रों ने सफलता हासिल की थी. टाइम पत्रिका ने कहा, ‘सुपर-30 का उत्तीर्ण प्रतिशत शत प्रतिशत है. इसमें सबसे विशेष बात यह है कि इसमें सबसे गरीब को भी स्थान मिलता है, जो कोचिंग लेने में समर्थ नहीं होते.’
उल्लेखनीय है कि आनंद कुमार के इस कोचिंग में प्रवेश के लिए छात्रों को परीक्षा देनी होती है. उत्तीर्ण छात्रों को यह वचन देना होता है कि वह दिन में कम से कम 16 घण्टे तक पढाई करेंगे. वर्ष 2003 से 210 में से 182 छात्रों ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है. पैसों के अभाव में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाई से चूके कोचिंग संस्थान के संस्थापक आनंद कुमार सभी छात्रों की छात्रवृत्ति, कमरा और आने जाने का खर्च उठाते हैं.
इस उपलब्धि पर कुमार ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, ‘यह एक खुशी का मौका है क्योंकि सुपर-30 इस बात का उदाहरण बन गया है कि मानव क्षमता के बल पर क्या हासिल किया जा सकता है.’ उन्होंने कहा कि गरीबी और सामाजिक शोषण से निजात पाने के लिए शिक्षा ही एकमात्र हथियार है.