स्टार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को बीसीसीआई के वाषिर्क पुरस्कार समारोह में वर्ष 2009-10 में बेहतरीन प्रदर्शन के लिये पाली उमरीगर पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
इसके अलावा अपने जमाने के दिग्गज आलराउंडर सलीम दुर्रानी को सी के नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया. तेंदुलकर ने 2009-10 में 12 महीने के अंतराल में दस टेस्ट मैच में 1064 रन बनाये थे जिसमें पांच शतक और एक दोहरा शतक भी शामिल था. उन्होंने 12 वन डे मे 695 रन बनाये जिसमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में फरवरी 2010 में बनाया गया रिकार्ड दोहरा शतक भी शामिल है.
तेंदुलकर ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने साथियों को दिया और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की विशेष तौर पर तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मैं दूसरी बार यह पुरस्कार हासिल करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं. हम सबका पहला लक्ष्य भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में दुनिया की नंबर एक टीम बनाना और फिर विश्व कप जीतना था.’
उन्होंने कहा, ‘हम इन दोनों में सफल रहे. इसमें सभी खिलाड़ियों ने अहम योगदान दिया. धोनी की बेजोड़ कप्तानी से हम यह हासिल करने में सफल रहे. हमें सहयोगी स्टाफ की भूमिका नहीं भूल सकते जिसने टीम को सफल बनाने के लिये लगातार मेहनत की. उनके बिना यह संभव नहीं था.’
इसके अलावा मनीष पांडे को पिछले रणजी सत्र में सर्वाधिक रन बनाने और अभिमन्यु मिथुन को सर्वाधिक विकेट लेने के लिये माधवराव सिंधिया पुरस्कार, नटराज बेहड़ा को सर्वश्रेष्ठ अंडर 22 खिलाड़ी, भार्गव मेराइ को सर्वश्रेष्ठ अंडर 19 खिलाड़ी और बी अपराजित को सर्वश्रेष्ठ अंडर 16 खिलाड़ी के लिये एम ए चिदंबरम ट्राफी दी गयी. एम डी तिरूलक्ष्मी को सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी के लिये एम ए चिदंबरम ट्राफी जबकि रेवा अरोड़ा को सर्वश्रेष्ठ महिला जूनियर खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया.