सेहत में आ रही गिरावट के बावजूद रामलीला मैदान में जनलोकपाल की मांग को लेकर अनशन पर बैठे गांधीवादी अन्ना हजारे मंगलवार रात एक बार फिर मंच पर आए और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया. हजारे ने साथ ही कहा कि डाक्टर की सलाह के बावजूद उनकी अंतरात्मा उन्हें ड्रिप चढ़वाने की इजाजत नहीं दे रही.
मंगलवार को हजारे के अनशन का आठवां दिन था. उन्होंने यहां उपस्थित समर्थकों से कहा, ‘मेरी खराब सेहत की सूचना के बाद अगर सरकार अपने लोगों को भेजे और सरकार के लोग आकर मुझे जबर्दस्ती ले जाने का प्रयास करें तो आप सब लोग गेट पर खड़े हो जाना लेकिन शांति और अहिंसा का ध्यान रहे और किसी को भी तकलीफ नहीं होने देना.’
हजारे ने कहा, ‘डाक्टर नरेश त्रेहन और उनके सहयोगी मेरी सेहत की पूरी चिंता कर रहे हैं और दोपहर में उन्होंने सलाह दी थी कि किडनी में थोड़ी समस्या आ जाने के कारण ड्रिप चढानी होगी लेकिन मेरी अंतरात्मा कह रही है कि अगर समाज के लिए जीने मरने की बात की है तो मरने से क्या डरना.’ उन्होंने कहा कि मेरी अंतरात्मा ने कहा है कि ड्रिप नहीं चढ़वानी.
हजारे ने कहा, ‘अगर मेरी किडनी फेल भी हो जाए तो इतने हजारों लोग हैं कोई भी मुझे किडनी दे देगा.’
हजारे ने कहा, ‘मैं मर भी गया तो क्या, कितने अन्ना खड़े हो जाएंगे.’ इससे पहले हजारे की देखभाल कर रहे डाक्टर नरेश त्रेहन ने रात करीब आठ बजे उनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद बताया कि हजारे की सेहत बिगड़ रही है और हमने उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी है, लेकिन हजारे मान नहीं रहे.
डाक्टर त्रेहन ने कहा कि हजारे रामलीला मैदान में ही अपने समर्थकों के बीच रहना चाहते हैं और इस वजह से रात तो हम उन्हें ड्रिप लगाएंगे और सुबह जांच के बाद देखेंगे कि क्या स्थिति है.
इस बीच रामलीला मैदान में लोगों ने हजारे की सलामती के लिए प्रार्थना की. उधर हजारे पक्ष के सदस्यों और सरकार के बीच बातचीत चल रही है.
इससे पहले डॉक्टरों ने सुबह हजारे को धूप में जाने से परहेज करने की सलाह दी थी. हजारे के करीबी सहयोगी मनीष सिसौदिया ने संवाददाताओं से कहा कि 16 अगस्त से शुरू हुए अनशन के आठवें दिन तक अन्ना का वजन 5.6 किलोग्राम कम हुआ है. वह कमजोर महसूस कर रहे हैं लेकिन कोई परेशानी नहीं है.