प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अभी दो दिनों के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे थे तो वहां उन्होंने विशेष तौर पर एक रिक्शे वाले को बुलवाकर उससे मुलाकात की जो मीडिया की सुर्खियां बन गया.
जिस रिक्शेवाले से पीएम मोदी मिले उसका नाम मंगल केवट है. मंगल केवट ने अपनी बेटी की शादी का कार्ड खुद प्रधानमंत्री दफ्तर में दिया था लेकिन पीएम मोदी व्यस्तताओं के कारण शामिल नहीं हो पाए. हालांकि उन्होंने चिट्ठी के जरिए शादी का बधाई संदेश जरूर भेजा था.
अब जब पीएम मोदी वाराणसी पहुंचे तो उन्होंने डोमरी गांव के रहने वाले मंगल केवट को हस्तकला संकुल बुलवाया और उससे मुलाकात की. इतना ही नहीं पीएम मोदी ने उनसे बेटी और दामाद को नहीं लाने का कारण भी पूछा और उन्हें आशीर्वाद भी दिया.
बता दें कि पीएम मोदी ने जिस ट्रॉली चालक मंगल केवट से मुलाकात कर बेटी की शादी की बधाई दी उस पर एक लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज है. इतना ही नहीं उसके घर की छत भी सिर्फ इसलिए नहीं बन सकी है क्योंकि अधिकारियों को घूस देने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे.
जिस मंगल केवट से पीएम मोदी मिले वो उन्हीं के गोद लिए गांव डोमरी का रहने वाला है. मंगल केवट उन पांच चुनिंदा लोगों में शामिल थे जिन्हें बीते साल जुलाई महीने में बीजेपी की सदस्यता अभियान के तहत बीजेपी के मंच पर पीएम मोदी ने खुद सदस्यता दिलाई थी. पीएम मोदी से इस पहली मुलाकात के बाद ही केवट उनके मुरीद हो गए और दोबारा पीएम मोदी से मिलने पर कहा कि वो मोदी भक्त ही बने रहना चाहते हैं. जबकि पीएम मोदी ने उन्हें देशभक्त बताया और कहा कि आप ऐसे ही देश की सेवा करते रहें.
पीएम मोदी ने केवट की देश सेवा की तारीफ इसलिए की क्योंकि केवट की सुबह की शुरुआत गंगा घाटों की सफाई से होती है. वो रोज गंगा घाट की निशुल्क सफाई करते हैं.