देश के सबसे अमीर उद्दयोगपति मुकेश अंबानी ने महाराष्ट्र में मुंबई (दक्षिण) सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेसी नेता मिलिंद देवड़ा का समर्थन किया है. कांग्रेसी नेता मिलिंद देवड़ा ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी उनका प्रचार करते नजर आ रहे हैं. दिलचस्प है कि उनके छोटे भाई अनिल अंबानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के राजनीतिक हमलों का लगातार निशाना बन रहे हैं.
वीडियो में मुकेश अंबानी कहते हैं, "मिलिंद साउथ मुंबई के लिए सबसे सही शख्स है...मिलिंद को बॉम्बे संसदीय सीट के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक ताने-बाने की गहरी समझ है."
कांग्रेस उम्मीदवार अपने ट्वीट में कहते हैं, "छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े उद्दयोगपतियों तक हर किसी के लिए दक्षिणी मुंबई का मतलब बिजनेस है. हमें मुंबई में बिजनेस वापस लाने की जरूरत है और युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता बनाना होगा."
यह बहुत ही अनोखा पल है जब देश के सबसे अमीर शख्स ने किसी उम्मीदवार को खुलकर अपना समर्थन दिया है.
मुकेश अंबानी के टेलिकॉम नेटवर्क जियो के कैंपन से जुड़े रहे मिलिंद देवड़ा ने कहा, "मुझे पता है कि मुकेश अंबानी या उदय कोटक के समर्थन पर बाकियों की तुलना में ज्यादा ध्यान दिया जाएगा लेकिन मैं बहुत ही गर्वान्वित हूं कि मुझे पानवाले से लेकर छोटे दुकानदारों तक का सपोर्ट मिल रहा है..आपको उनसे पूछना होगा कि साउथ मुंबई के लिए मैं ही उन्हें सबसे सही उम्मीदवार क्यों लगा."
जहां छोटे भाई अनिल अंबानी राफेल डील को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चुनावी भाषणों में लगातार निशाना बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़े भाई मुकेश अंबानी का कांग्रेस उम्मीदवार का प्रचार करना सबको चौंका रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अक्सर याराना पूंजीवाद (क्रोनी कैपिटलिजम) के तहत पीएम मोदी और अनिल अंबानी के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते रहते हैं. राहुल गांधी का आरोप है कि मोदी सरकार ने पूंजीपति अनिल अंबानी को मदद पहुंचाने के लिए 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए ज्यादा कीमतें दीं.
मुकेश अंबानी ने पिछले महीने ही एरिक्सन कंपनी को 458.77 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाकर भाई अनिल अंबानी को जेल जाने से बचाया था. अनिल अंबानी ने खुले तौर पर बड़े भाई और भाभी का शुक्रिया भी अदा किया था.
धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद 2002 में दोनों भाइयों के बीच करीब एक दशक तक झगड़ा चलता रहा. पिता की मौत के बाद अनिल अंबानी के हिस्से ऊर्जा और टेलिकॉम सेक्टर आया जबकि मुकेश अंबानी को तेल और पेट्रोकेमिकल का बिजनेस सौंपा गया. वक्त बीतने के साथ दोनों के बीच की दौलत का फासला बढ़ता गया. अनिल अंबानी कर्ज तले डूबते गए और मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर शख्स के तौर पर उभरे. हालांकि, पिछले कुछ वक्त में दोनों भाइयों के बीच की दूरियां कम होती दिखी हैं. मुकेश अंबानी की बेटी ईशा की शादी में भी अनिल अंबानी अपनी पत्नी टीना अंबानी के साथ शामिल हुए थे.
मुकेश अंबानी का समर्थन पाने वाले कांग्रेसी उम्मीदवार देवड़ा को हाल ही में मुंबई कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. वह वर्तमान में शिवसेना सांसद अरविंद सावंत के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. सावंत ने 2014 के लोकसभा चुनाव में देवड़ा को 1.28 लाख वोटों से हराया था.
मुंबई के सबसे संभ्रान्त परिवारों का गढ़ माने जाने वाले मुंबई साउथ से देवड़ा दो बार सांसद रह चुके हैं. इस इलाके में कई प्रभावशाली उद्योगपति और व्यापारी रहते हैं. देवड़ा के पिता मुरली देवड़ा केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस मुंबई अध्यक्ष रह चुके हैं.
शिवसेना के प्रवक्ता मनीषा कयांडे ने इस कैंपेन पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि देवड़ा के समर्थन में अंबानी और कोटक जैसे उद्दयोगपति क्यों खड़े हैं? उन्होंने सवाल किया कि क्या देवड़ा के सांसद बनने के बाद उन्हें क्या कोई फायदा मिलने की उम्मीद है? पिछले 5 वर्षों में मिलिंद देवड़ा कहीं नजर नहीं आए. एक कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर उन्हें जनता की सेवा में दिखना चाहिए था. दूसरी तरफ, अरविंद सावंत संसदीय क्षेत्र में लगातार काम करते रहे हैं और विकास कार्यों की चिंता करते रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना आम मतदाताओं के लिए काम करती है ना केवल उद्योगपतियों के लिए. जब भी लोगों को कोई छोटी-बड़ी जरूरत पड़ती है, लोग शिवसेना के पास मदद के लिए आते हैं. देवड़ा अपने आइवरी टावर में रहते हैं जबकि शिवसेना सड़कों पर है.