दरअसल, डेलीमेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रमुख अधिकारी ने कहा है कि नए संस्करणों में ऐसी कोई भी बात नहीं होनी चाहिए जो कि कम्युनिस्ट पार्टी के विश्वासों के खिलाफ जाती हो. उन्होंने बताया कि जो भी पैराग्राफ गलत समझे जाएंगे, उनमें या तो बदलाव किया जाएगा या फिर उनका फिर से अनुवाद करवाया जाएगा.