कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद होने वाले बिहार के सीआरपीएफ ऑफिसर पिंटू कुमार सिंह को उनकी 5 साल की बेटी पिहू ने रविवार को मुखाग्नि दी. इससे पहले बेटी अपनी मां से लगातार पूछ रही थी- 'ये लोग पापा को कहां ले जा रहे हैं.'
कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में एक मुठभेड़ के दौरान वे आगे बढ़कर एक घर के भीतर गए थे, इसी दौरान आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया था. वे कश्मीरी युवाओं को मदद करने के लिए वे हमेशा आगे रहते थे.
पिंटू कुमार सिंह की आखिरी यात्रा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी. उनकी पत्नी लगातार रो रही थीं. हालांकि, उन्होंने खुद को संभालते हुए अपनी बेटी से कहा- पापा को जय हिंद बोल देना.
अंतिम यात्रा के दौरान लोग वीर शहीद पिंटू अमर रहे के नारे लगा रहे थे. वायु सेना के हेलिकॉप्टर से शहीद इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर को सीआरपीएफ जवानों की निगरानी में लाया गया.
बता दें कि पिंटू काफी विनम्र स्वभाव के थे और कठिन परिस्थितियों में रह रहे लोगों से आसानी से जुड़ जाते थे. वे स्थानीय लोगों के बीच पॉपुलर थे.