मध्य प्रदेश में फर्जी वोटर्स को लेकर चल रहे बवाल के बीच चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट का नया ड्राफ्ट जारी किया है. इसमें बीते 7 महीने में 24 लाख फर्जी वोटर हटाए गए हैं. यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी तादाद में वोटर्स हटाए गए हों.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश की मतदाता सूची में 11 लाख 40 हजार नए मतदाता जुड़े हैं. इसके बाद कुल मतदाता 4 करोड़ 94 लाख 42 हजार रह गए हैं. इस सूची में 30 जून तक जोड़े गए मतदाता शामिल हैं.
आयोग के ड्रॉफ्ट में गौर करने वाली यह है कि 2013 की वोटर लिस्ट में 4 करोड़ 66 लाख मतदाता थे और 31 जुलाई 2018 को मतदाताओं की संख्या 4 करोड़ 94 लाख 42 हजार है. इस हिसाब से सिर्फ 28 लाख वोटर ही बढ़े.
लेकिन इससे पहले 2008 से 2013 के बीच मतदाता सूची में रिकार्ड 1 करोड़ 5 लाख नए नाम जुड़े थे. यानी 2008 में मतदाता थे 3 करोड़ 61 लाख और 2013 में यह संख्या बढ़कर हो गई थी, 4 करोड़ 66 लाख. इतनी बड़ी तादाद में मतदाता कैसे बढे इसकी जांच जारी है.
इस बारे में मध्य प्रदेश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव का कहना है कि वोटर लिस्ट के लिए शुद्धीकरण के लिए 1 करोड़ लोगों तक चुनाव आयोग पहुंचा. इसी का परिणाम है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं है. आपत्तियों के निराकरण के लिए समय दिया गया है.