तिविम (Tivim) गोवा के उत्तर गोवा जिले के बारदेज क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख गांव है. तिविम को खास तौर पर उत्तर गोवा के एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यहां उत्तर गोवा का बड़ा रेलवे स्टेशन मौजूद है. इसी वजह से यह इलाका परिवहन और यात्रियों के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण बना हुआ है.
तिविम का उच्चारण “थिविम” भी किया जाता है. यह गांव नाथिविम क्षेत्र में स्थित है और इसका इतिहास काफी पुराना माना जाता है. स्थानीय मौखिक परंपराओं के अनुसार, तिविम गांव के संबंध आसपास के कई पुराने गांवों जैसे सिओलिम, कुंचेलिम और पर्रा से रहे हैं. साथ ही, इसका जुड़ाव मापुसा बाजार क्षेत्र से भी बताया जाता है, जो उस समय व्यापार और गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था.
यह गांव उस समय भी चर्चा में आया जब 1802 में ब्रिटिश सेना ने गोवा में दोबारा प्रवेश किया. उस दौर में फ्रांसीसी हमले की आशंका के कारण ब्रिटिश प्रशासन ने गोवा के कई हिस्सों को सैन्य दृष्टि से मजबूत किया. तिविम किले को भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया था. बाद में 1807 में नेपोलियन द्वारा पुर्तगाल पर आक्रमण किए जाने के बाद यह क्षेत्र और ज्यादा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया. हालांकि 1813 में ब्रिटिश सेना गोवा से वापस चली गई.
1831 में फ्रांसीसी पादरी रेव. डेनिस एल कॉटिनो ने तिविम को बारदेज क्षेत्र के 36 गांवों और 26 पैरिशों में शामिल बताया था. इसके कुछ वर्षों बाद 1834 में तिविम के किलों को छोड़ दिया गया. 1878 तक गांव की आबादी लगभग 6000 मानी जाती थी और उस समय यहां एक स्कूल भी मौजूद था.
तिविम का धार्मिक इतिहास भी पुराना है. साल 1623 में यहां Church of St Christopher का निर्माण किया गया था. इस चर्च को तिविम, सिरसाइम और असोनोरा गांवों के लोगों ने मिलकर बनवाया था. चर्च को स्थानीय स्तर पर “साओ क्रिस्टोवाओ चर्च” के नाम से भी जाना जाता है.
इसके अलावा तिविम कई प्रसिद्ध लोगों से भी जुड़ा रहा है. भारत की पहली वैश्विक ब्यूटी क्वीन रिता फारिया (Reita Faria) का पैतृक गांव तिविम ही माना जाता है. वहीं हाल के वर्षों में Prathamesh Maulingkar भी इसी क्षेत्र से जुड़े रहे हैं.