सियोलिम (Siolim) गोवा के नॉर्थ गोवा जिले में स्थित एक गांव और जनगणना क्षेत्र (Census Town) है. यह बारदेज तालुका में आता है और भारत के पश्चिमी तटीय इलाके में बसा हुआ है. सियोलिम अपनी भौगोलिक स्थिति, नदी किनारे के इलाकों और आसपास के गांवों के कारण जाना जाता है.
जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, साल 2001 में यहां की आबादी लगभग 10,311 थी, जबकि 2011 तक यह बढ़कर 10,936 हो गई. सियोलिम सिर्फ एक गांव नहीं बल्कि गोवा विधानसभा का एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र भी है. इस विधानसभा क्षेत्र में सियोलिम के अलावा असगांव, अंजुना और ऑक्सेल जैसे इलाके भी शामिल हैं. सियोलिम के रहने वाले लोगों को स्थानीय तौर पर “सियोलकार” या “शिवालकर” कहा जाता है.
भौगोलिक रूप से सियोलिम, मापुसा शहर से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित है. यह इलाका चपोरा नदी के आसपास फैला हुआ है. पहले यहां नदी पार करने के लिए फेरी सेवा का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब चपोरा नदी पर पुल बनने के बाद आवागमन आसान हो गया है.
सियोलिम के उत्तर में ऑक्सेल गांव स्थित है, जबकि दक्षिण और पूर्व दिशा में असगांव के हरे-भरे पहाड़ी इलाके दिखाई देते हैं. इसके पूर्व में कैमुरलिम इलाका है और पश्चिम दिशा में चपोरा नदी बहती है. नदी के दूसरी ओर पर्नेम क्षेत्र में मोरजिम का समुद्र तट स्थित है, जो अपने पाइन जैसे पेड़ों वाले किनारों के लिए जाना जाता है.
यह इलाका स्थानीय खेल गतिविधियों के लिए भी जाना जाता रहा है. सियोलिम में कई फुटबॉल टीमें रही हैं, जिनमें “फुटबॉल क्लब ऑफ सिओलिम” (FC Siolim) प्रमुख नामों में शामिल है. गोवा में फुटबॉल लंबे समय से लोकप्रिय खेल रहा है और सियोलिम भी इससे जुड़ा रहा है.
सियोलिम का सांस्कृतिक संबंध गोवा के पारंपरिक संगीत से भी देखा जाता है. गोअन मांडो गीत “Siole dongra sokolu” का संबंध इसी इलाके से माना जाता है. इसके अलावा भारतीय पॉप संगीतकार रेमो फर्नांडिस का संबंध भी सियोलिम के फर्नांडिस-वड्डो क्षेत्र से है.