रेजिनगर (Rejinagar) पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध स्थान है. यह क्षेत्र अपने प्राचीन इतिहास, धार्मिक स्थलों और सामाजिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है. रेजिनगर गंगा नदी के नजदीक बसा हुआ है, जिससे इसकी भूमि अत्यंत उपजाऊ है और कृषि यहां के लोगों का प्रमुख व्यवसाय है. 2011 की जनगणना के अनुसार, रेजिनगर की कुल आबादी 10,103 थी, जिसमें पुरुष संख्या 5,146 और महिला संख्या 4,957 थी.
यह क्षेत्र मुगल काल से ही प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है. मुर्शिदाबाद, जो कभी बंगाल की राजधानी हुआ करती थी, रेजिनगर से अधिक दूर नहीं है, इसलिए यह स्थान ऐतिहासिक गतिविधियों का साक्षी रहा है. यहां कई पुरानी इमारतें और मस्जिदें आज भी उस दौर की झलक दिखाती हैं.
रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र भी राजनीतिक रूप से सक्रिय है और राज्य की राजनीति में इसका विशेष स्थान रहा है. यहां की जनसंख्या मुख्यतः बंगाली बोलने वाली है, हालांकि हिंदी और उर्दू भी समझी जाती हैं. शिक्षा के क्षेत्र में भी रेजिनगर धीरे-धीरे प्रगति कर रहा है. यहां स्कूलों और कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है। शांत वातावरण, हरियाली और लोगों की सादगी इसे पश्चिम बंगाल के सुंदर और शांत कस्बों में शामिल करती है.
रेजिनगर इतिहास, संस्कृति और ग्रामीण सौंदर्य का अनोखा मेल प्रस्तुत करता है.
पश्चिम बंगाल के उपचुनाव नतीजों ने बीजेपी को जश्न मनाने का शानदार मौका दिया है. रेजिनगर और नंदीग्राम दोनों ही सीटों पर बीजेपी जीती है. 70 फीसदी मुस्लिम मतदाता वाले रेजिनगर में बीजेपी ने 75 हजार वोटों से जीत हासिल कर राजनीतिक पंडितों को इन चुनाव नतीजों पर सोचने को मजबूर कर दिया है.
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनावों के लिए वोटों की गिनती आज कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है. राज्य में हाल ही में हुए चुनावों के बाद बीजेपी के लिए यह पहली बड़ी चुनावी परीक्षा मानी जा रही है. हालांकि इन चुनावी नतीजों से राज्य सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच राजनीतिक दबदबा कायम करने की लड़ाई के रूप में इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दोनों सीटों पर मतगणना कुल 15 राउंड में पूरी की जाएगी. नंदीग्राम सीट पर सबकी खास नजरें टिकी हुई हैं, जिसे बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है.
एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव में लड़ने के लिए अपनी सीट का ऑफर दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को संसदीय राजनीति में बने रहना चाहिए.
रेजिनगर में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद के लिए 1.30 करोड़ रुपये से ज्यादा दान जुटाया गया है. चार बॉक्स से 37 लाख कैश और QR के जरिए 93 लाख मिले, जबकि सात बॉक्स अभी खुले नहीं हैं.