कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित गोकर्ण बीच (Gokarna Beach, Karnataka) भारत के उन चुनिंदा समुद्री तटों में से एक है, जहां प्रकृति की खूबसूरती के साथ आध्यात्मिक शांति भी अनुभव की जा सकती है. यह स्थान अरब सागर के तट पर बसा है और अपने शांत वातावरण, स्वच्छ रेत तथा नीले समुद्र के लिए जाना जाता है. गोवा की तुलना में गोकर्ण कम भीड़भाड़ वाला है, इसलिए यह उन पर्यटकों के लिए आदर्श गंतव्य माना जाता है जो सुकून और एकांत की तलाश में होते हैं.
गोकर्ण केवल एक पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि एक प्रमुख तीर्थ स्थान भी है. यहां स्थित प्रसिद्ध महाबलेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. मंदिर के दर्शन के बाद श्रद्धालु गोकर्ण बीच पर आकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं. मान्यता है कि यहां समुद्र स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है.
गोकर्ण बीच के आसपास कई खूबसूरत समुद्री तट भी हैं, जैसे ओम बीच, कुडले बीच, हाफ मून बीच और पैराडाइस बीच. इन सभी बीचों की अपनी अलग पहचान है. ओम बीच अपने ओम आकार के कारण प्रसिद्ध है, जबकि कुडले बीच सूर्यास्त के अद्भुत नजारों के लिए जाना जाता है. साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए यहां ट्रेकिंग, बोटिंग और योग जैसी गतिविधियों के विकल्प भी मौजूद हैं.
यहां का शांत वातावरण योग, ध्यान और आत्मचिंतन के लिए बेहद उपयुक्त है. विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं और लंबे समय तक रुककर भारतीय संस्कृति को करीब से समझते हैं. स्थानीय कैफे में मिलने वाला सादा और स्वादिष्ट भोजन इस जगह की खासियत को और बढ़ा देता है.
भागदौड़ भरी जिंदगी और शहरों के शोर में सुकून मिलना मुश्किल हो गया है. ऐसे में समंदर किनारे योग और ध्यान करना मन को गहरी शांति देता है. भारत में कई शांत समुद्री तट हैं, जहां आप दुनिया के शोर से दूर, खुद के लिए वक्त निकाल सकते हैं.