बालासाहेब थोराट, राजनेता
विजय भाऊसाहेब थोराट (Vijay Bhausaheb Thorat), जिन्हें बालासाहेब थोराट के नाम से जानते हैं (Balasaheb Thorat), एक भारतीय राजनीतिज्ञ और महाराष्ट्र राज्य की उद्धव ठाकरे की सरकार में राजस्व मंत्री के रूप में कार्यरत हैं (Balasaheb Thorat ministry). वह संगमनेर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायक हैं (Congress Party legislator from Sangamner constituency). थोराट सहकारिता आंदोलन से जुड़े रहे हैं और एक दुग्ध सहकारी के संस्थापक और संगमनेर जिला और राज्य सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष हैं. उन्होंने संगमनेर में सहकारी शिक्षण संस्थानों की स्थापना की है. इससे पहले, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में कृषि मंत्री और राजस्व मंत्री के रूप में कार्य किया है.
थोराट का जन्म 7 फरवरी 1953 को स्वर्गीय भाऊसाहेब थोराट के घर हुआ था (Balasaheb Thorat age). उनके पिता महाराष्ट्र में एक किसान नेता और संगमनेर निर्वाचन क्षेत्र से एक बार विधायक रहे थे (Balasaheb Thorat father). थोराट ने 1975 में फर्ग्यूसन कॉलेज, पुणे विश्वविद्यालय से बीए किया और 1977 में आईएलएस लॉ कॉलेज, पुणे से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की (Balasaheb Thorat education).
उन्होंने एक निर्दलीय के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और संगमनेर विधानसभा सीट से जीत हासिल की. तब से वह 8 विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. बतौर कांग्रेस उम्मीदवार, वह किसी चुनाव में नहीं हारे. वे विलासराव देशमुख की पहली सरकार में कृषि राज्य मंत्री थे. 2004 में उन्हें प्रमोट करके कैबिनेट मंत्री बना दिया गया. उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण के मंत्रिमंडल में कृषि, जल संरक्षण, रोजगार गारंटी योजना मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. थोराट 2019 में MPCC प्रमुख बनाए गए थे. उनके नेतृत्व में पार्टी ने विधानसभा में 31 विधायकों से 44 विधायकों तक अपनी संख्या में सुधार किया. महाराष्ट्र में 2019 में कांग्रेस, राकांपा और शिवसेना ने महा विकास अघाड़ी गठबंधन का गठन किया, जिसने उद्धव ठाकरे की अगुवाई में सत्ता की कमान संभाली और थोराट ने मंत्री के रूप में शपथ ली (Balasaheb Thorat political career).
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के विधायक अमोल खताल को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने गलत चुनावी हलफनामा देने के मामले में कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट की याचिका को खारिज करने की उनकी मांग ठुकराते हुए ट्रायल जारी रखने का आदेश दिया है.
महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी में उद्धव ठाकरे और कांग्रेस का टकराव खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है, जिसका सीधा फायदा बीजेपी और उसके साथियों को मिल सकता है - और यही वजह है कि कांग्रेस ने नये नेता को मोर्चे पर तैनात कर दिया है.
महाराष्ट्र कांग्रेस में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले से चल रही सियासी अनबन के चलते दिग्गज नेता बालासाहेब थोराट ने विधानसभा के सीएलपी पद से इस्तीफा दे दिया है. इतना ही नहीं कांग्रेस हाईकमान को पत्र लिखकर कहा कि है कि नाना पटोले के साथ काम नहीं कर सकते हैं?