अपने बच्चे को सामने पाकर भी एक मां उसे गले नहीं लगा सकी. क्योंकि मां को बच्चा दिए जाने से पहले कोर्ट एक बार दोनों का डीएनए टेस्ट करवाना चाहता है ताकि संदेह की कोई गुंजाइश ना रहे कि असली मां को ही बच्चा मिला है.