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संजय सिन्हा की कहानी: बच्चों को सिखाएं रिश्तों- परिवार का महत्व

वधवा आंटी का फोन कई दिनों बाद आया. मैं शादी से पहले जिन आंटी के घर में रहता था, वधवा आंटी उन्हीं की परिचित थीं. अपने मकान मलकिन आंटी के साथ मैं कई बार वधवा आंटी के घर गया. वह खूब खातिर करती थीं, अगर खाने के समय उनके घर गया तो वो बिना खाना खाए जाने नहीं देती थीं. वो सारा काम खुद ही करती थीं, ना उनकी बेटियां ना ही उनका बेटा घर में कोई काम करता था. कई साल बाद अब जब मैं उनसे मिलने उनके घर गया तो वहां घर में कुछ मायूसी थी. देखें- क्या है ये पूरी कहानी.

Life is precious and we should teach important lessons to our kids, We should teach them every lesson of life. There are some lessons that can not be teach in school but only parents can do that, so every parents should work for it. They should teach their children the importance of relations and family. Today in our special programme Sanjay Sinha Ki Kahani we will tell you the story of a lady who did not teach her children those important lessons of life.

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