संजय सिन्हा आज अपने दफ्तर के एक सहयोगी की कहानी सुना रहे हैं जो दोस्तों के साथ-साथ दुश्मनों के लिए भी दोस्त ही हैं. वे सुना रहे हैं कि कैसे उनके सहयोगी ने उनके सिर पर सफेद बाल का जिक्र किया और उनके बालों की तस्वीर उतारी. वे इसी कहानी के विस्तार में चित्रलेखा का जिक्र करते हैं कि कैसे एक सफेद बाल चित्रलेखा के लिए टर्निंग प्वाइंट बन जाता है. देखें व सुनें कहानी...