सितम ये कि साहस दिखाने की मांग कर रही है दुनिया. पांचवीं बार आईपीएल के फाइनल में पहुंचे हैं, कोई और वक्त होता तो जश्न मनाते, रणनीति बनाते, टीम का मनोबल बढ़ाते, वो सबकुछ करते जो एक लीडर को करना चाहिए..मगर इस वक्त, करने को तो वो अब भी वही सब कर रहे हैं मगर वो शिद्दत गायब है, वो चौकसी गायब है, वो चपलता गायब है. और गायब है चेहरे पर खिलनी वाली वो मोहनी मुस्कान. जिस टीम को उन्होंने अपने दमखम से दिशा दी, उसकी आगे दिशा क्या होगी खुद धोनी को भी पता नहीं.