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राष्ट्रमंडल खेलों में 'शेर' बन गया 'बाघ'

बच्चों की कहानियां यदि सच होती और जंगल का राजा शेर पढ़ा लिखा होता, तो राष्ट्रमंडल खेलों की आधिकारिक वेबसाइट देखकर वह जरूर अपना माथा पीट रहा होता, जहां उसे बाघ यानी टाइगर बना दिया गया है.

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बच्चों की कहानियां यदि सच होती और जंगल का राजा शेर पढ़ा लिखा होता, तो राष्ट्रमंडल खेलों की आधिकारिक वेबसाइट देखकर वह जरूर अपना माथा पीट रहा होता, जहां उसे बाघ यानी टाइगर बना दिया गया है. दिल्ली में 3 से 14 अक्तूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों का शुभंकर शेरा है जिसकी तस्वीरें अब लोगों की जेहन में घर करती जा रही हैं.

शेरा हिन्दी के शब्द 'शेर' से बना हुआ है, जिसे अंग्रेजी में 'लॉयन' कहते हैं, लेकिन लगता है कि राष्ट्रमंडल खेलों के अंग्रेजी पदाधिकारियों की हिन्दी कमजोर है और इसलिए उन्होंने शेर का अंग्रेजी अनुवाद कर दिया 'टाइगर', जिसे हिन्दी में बाघ कहते हैं. राष्ट्रमंडल खेलों की आधिकारिक वेबसाइट में शेरा के बारे में अंग्रेजी में कुछ इस तरह से लिखा गया है, ‘शेरा, द मस्कट ऑफ 19 कामनवेल्थ गेम्स 2010 डेल्ही. हिज नेम्स कम्स फ्राम द हिन्दी वर्ड शेर. मीनिंग टाइगर.’

हिन्दी में इसका तजरुमा इस तरह से होगा, ‘शेरा 19वें राष्ट्रमंडल खेल 2010 दिल्ली का शुभंकर है, उसका नाम हिन्दी के शब्द शेर से लिया गया है, जिसका मतलब होता है बाघ (टाइगर).’ अब जब बेचारा शेर शुरू में ही टाइगर बन गया है, तो आगे भी गलतियां कर दी गयी है.{mospagebreak}आगे भारतीय पौराणिक कथाओं का जिक्र किया गया है, जिसमें लिखा गया है कि टाइगर यानी बाघ को देवी दुर्गा के साथ जोड़ा जाता है, जो ‘शक्ति या देवी दुर्गा' की प्रतीक और बुराइयों का नाश करने वाली होती है. रणक्षेत्र में वह अपने वाहन (बाघ) में सवारी करती हैं.’ राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजक शायद इस बात से अनजान हैं कि देवी दुर्गा का वाहन सिंह यानी लॉयन होता है और इसलिए उन्हें सिंहवाहिनी भी कहा जाता है.

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