टीम इंडिया के ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने अपने डेब्यू वनडे इंटरनेशनल मैच में इतिहास रचा है. क्रुणाल डेब्यू मैच में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में महज 26 गेंदों में अर्धशतक बनाकर यह मुकाम हासिल किया.
क्रुणाल ने 31 गेंदों में नाबाद 58 रनों की पारी खेली, जिसमें सात चौके और दो छक्के शामिल रहे. इस पारी की बदौलत भारत ने 317/5 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. क्रुणाल एक दिन बाद ही यानी बुधवार (24 मार्च) को 30 साल के हो जाएंगे. उन्होंने अपने डेब्यू को यादगार बनाया.
Century stand
— BCCI (@BCCI)
Half centuries for & ✅
300+ on the board ✅
Brilliant batting display from as they post 317/5 in 50 overs.
क्रुणाल पंड्या वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में पदार्पण पर 50+ रन बनाने वाले 15वें भारतीय बल्लेबाज हैं. इससे पहले आखिरी बार साल 2016 में फैज फजल ने यह कारनामा किया था. इसके साथ ही वह सबा करीम और रवींद्र जडेजा के बाद नंबर 7 या उससे नीचे के क्रम में बल्लेबाजी करते हुए डेब्यू पर अर्धशतक लगाने वाले केवल तीसरे भारतीय बल्लेबाज हैं.
क्रुणाल इंग्लैंड के खिलाफ संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं. साथ ही 2012 के बाद यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज अर्धशतक है.
क्रुणाल पंड्या 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, उस समय भारतीय टीम संकट में थी. तेजी से रन बनाने के चक्कर में भारत ने शिखर धवन (98) और हार्दिक पंड्या (1) का विकेट भारत ने गंवा दिया था. 41वें ओवर में भारत का स्कोर 5 विकेट पर 205 रन था. उस समय भारतीय टीम को एक तेज साझेदारी की जरूरत थी. क्रुणाल और केएल राहुल (नाबाद 62 रन) ने 57 गेंदों पर 112 रनों की नाबाद साझेदारी कर टीम को निराश नहीं किया.
क्रुणाल पंड्या इस पारी के बाद काफी भावुक हो गए. उन्होंने यह पारी अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया. क्रुणाल के भावुक होने के कारण मुरली कार्तिक ने उन्हें अपना समय लेने के लिए कहा. क्रुणाल और कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे और उन्होंने मुरली कार्तिक से इंटरव्यू खत्म करने के लिए कहा.
What a debut innings by Krunal Pandya. Emotions can't controlled by him🥺
— Vipul Madkaikar (@the_vipul10)
बाद में छोटे भाई हार्दिक ने क्रुणाल को ढांढस बंधाया. मैच शुरू होने से पहले क्रुणाल को उनके छोटे भाई हार्दिक पंड्या ने डेब्यू कैप दी थी. उस वक्त भी क्रुणाल ने आकाश की ओर देखकर अपने पिता को याद किया था.
This is all heart 💙🫂
— BCCI (@BCCI)
A teary moment for ODI debutant post his brilliant quick-fire half-century💥💥
क्रुणाल और हार्दिक पंड्या के पिता का कार्डिएक अरेस्ट के बाद इस साल जनवरी में 71 साल की उम्र में निधन हो गया था. क्रुणाल उस समय सैयद मुश्ताक ट्रॉफी में बड़ौदा टीम का नेतृत्व कर रहे थे. उस समय घर लौटने के लिए टूर्नामेंट को उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया था.
क्रुणाल के लिए पिछले तीन महीने काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. इस साल जनवरी में सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी से पहले टीम शिविर उनके साथी खिलाड़ी दीपक हुड्डा ने उन पर बुरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और फिर टीम शिविर छोड़ दिया.
इस मामले में हालांकि बड़ौदा टीम प्रबंधन ने क्रुणाल का साथ दिया. इस विवाद के कुछ सप्ताह के बाद उनके पिता हिमांशु का निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें टीम का बायो-बबल छोड़ना पड़ा.