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धर्मशाला टेस्ट: कल मुकाबला, पिच से मिलेगी तेज गेंदबाजों को मदद

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच  बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का चौथा और निर्णायक टेस्ट शनिवार से धर्मशाला में खेला जाएगा. इसके साथ ही धर्मशाला भारत का 27वां टेस्ट केंद्र बन जाएगा. मौजूदा सीरीज में दोनों टीमें 1-1 मैच जीतकर बराबरी पर है.

इंडियन क्रिकेट टीम इंडियन क्रिकेट टीम

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच  बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का चौथा और निर्णायक टेस्ट शनिवार से धर्मशाला में खेला जाएगा. इसके साथ ही धर्मशाला भारत का 27वां टेस्ट केंद्र बन जाएगा. मौजूदा सीरीज में दोनों टीमें 1-1 मैच जीतकर बराबरी पर हैं.

धर्मशाला का ऐसा है विकेट

यहां की पिच हमेशा तेज गेंदबाजों के लिए मददगार रही है और इस पर गति के साथ उछाल भी होगा. पिच पर घास भी छोड़ी गई है. इसे देखते हुए अब दोनों टीमों की कोशिश यही रहेगी कि तेज गेंदबाजों को मौका दिया जाए. इसलिए इस टेस्ट में ईशांत शर्मा की जगह मो. शमी को टीम में खिलाया जा सकता है. वैसे भी ईशांत अब तक केवल 3 विकेट ही ले पाए हैं.

यहां भारत का रिकॉर्ड

इस मैदान पर अब तक 3 वनडे और 8 टी20 मैच खेले गए हैं.टीम इंडिया ने तीन में से दो वनडे जीते हैं. वैसे भारत ने यहां सिर्फ एक टी20 मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला है जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था. पुणे, बंगलुरु और रांची में स्पिनर्स का दबदबा रहा था तो वहीं, धर्मशाला में तेज गेंदबाजों को पिच से मदद मिलेगी.

विराट का बल्ला नहीं चल पाया है
इस सीरीज में विराट कोहली के बल्ले ने कुछ खास कमाल नहीं दिखाया है. अब तक 3 टेस्ट मैचों में उन्होंने सिर्फ 46 रन बनाए हैं. इससे पहले विराट कोहली लगातार 4 सीरीज में 4 डबल सैंचुरी लगा चुके हैं. यहां पर विराट को एक अच्छी पारी की दरकरार है. फिलहाल भारतीय कप्तान विराट कोहली रांची में तीसरे टेस्ट के दौरान अपने कंधे में लगी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं. विराट ने गुरुवार को नेट पर बल्लेबाजी का अभ्यास भी नहीं किया है.उनके कवर के तौर पर मुंबई के युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को बुलाया गया है.

फाइनल टेस्ट में ये खिलाड़ी दिखा सकते हैं अपना कमाल

चेतेश्वर पुजारा

इस सीरीज में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी पुजारा हैं. पिछले मैच में डबल सेंचुरी भी लगा चुके हैं और अब तक उन्होंने 3 टेस्ट मैचों में 348 रन बनाए हैं. मिडिल ऑर्डर में पारी को संभालने की पूरी जिम्मेदारी पुजारा की होती है.

केएल राहुल
सलामी बल्लेबाज केएल राहुल पर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होती है. अभी तक राहुल ने 3 टेस्ट मैचों में 4 हाफ सेंचुरी लगाई हैं, जिनमें 90 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा है.

रवींद्र जडेजा
टीम इंड़िया के हरफनमौला ऑलराउंडर खिलाड़ी रवींद्र जड़ेजा ने इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है. अभी तक उन्होंने 3 टेस्ट मैचों में भारत की ओर से सबसे ज्यादा 23 विकेट चटकाए हैं और अपने बल्ले से एक हाफ सेंचुरी भी लगा चुके हैं.

आर अश्विन
भारतीय टीम के प्रमुख ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने बंगलुरु टेस्ट में 6 विकेट निकालकर टीम को जीत दिलाई थी. अश्विन अपनी वैरिएशन से घूमती गेंदों से विरोधी बल्लेबाजों को मात देने में माहिर हैं. अभी तक अश्विन ने इस सीरीज में 17 विकेट लिए हैं.

उमेश यादव
भारत की तरफ से अब तक 3 टेस्ट मैचों में 12 विकेट ले चुके हैं. उमेश यादव भारत को शुरुआती ओवरों में विकेट दिलाने में सक्षम हैं.

शमी-भुवी वापसी की होड़ में
भुवनेश्वर कुमार स्विंग के जादूगर माने जाते हैं और उनमें वो काबलियत है कि वो गेंद को दोनों तरफ स्विंग करवाते हैं. बल्लेबाज उनकी गेंदों की वेरिएशन को पड़ने में नाकाम साबित होते हैं. हालांकि, उन्होंने भारत के पिछले 16 टेस्ट मैचों में से सिर्फ 5 खेले हैं और उनमें 14 विकेट निकाले हैं. ले भी अपनी वापसी की राह देख रहे हैं. जबकि मो. शमी फिजियो की देखरेख में हैं. फिटनेस रिपोर्ट मिलने पर उनकी वापसी पर मुहर लग सकती है.

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