दूसरी पारी में हेनरिक्स के नाबाद अर्धशतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया की पार्टी खराब कर दी. चौथे दिन का खेल खत्म होने तक मेहमान टीम ने 9 विकेट खोकर 232 रन बना लिए हैं. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के आधार पर उसे अब तक 40 रन की बढ़त हासिल हो चुकी है. हेनरिक्स 75 और लियोन 8 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं.
टीम इंडिया खेल को चौथे दिन ही खत्म करना चाहती थी लेकिन हेनरिक्स की जुझारू पारी ने मेजबान के मंसूबे को पूरा होने नहीं दिया. हालांकि अब भी ऑस्ट्रेलिया की हार तय लग रही है अगर पांचवें दिन बारिश ना हुई तो. अश्विन ने दूसरी पारी में अब तक पांच विकेट लिए हैं और पूरे मैच में उसके अब तक 12 विकेट हो चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया की ओर से हेनरिक्स दूसरे ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच की दोनों पारियों में फिफ्टी लगाई है. इससे पहले ब्रूस लेर्ड ने यह कारनामा किया था.
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही. ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट शेन वाटसन के रूप में गिरा. वाटसन को 17 रन के निजी स्कोर पर अश्विन ने सहवाग के हाथों कैच आउट करवाया.
लंच के तुरंत बाद कोवन को अश्विन (32) ने एलबीडब्ल्यू आउट कर पवेलियन भेजा. इसके बाद तीसरा विकेट पी जे ह्यूज़ के रूप में गिरा. वह अपने खाता तक नहीं खोल पाए. जड़ेजा ने उन्हें सहवाग के हाथों कैच आउट करवाया.
चौथा विकेट डेविड वार्नर के रूप में गिरा. उन्हें हरभजन सिंह ने 23 रन के स्कोर पर चलता किया. ऑस्ट्रेलिया को पांचवां झटका मेथ्यू वेड के रूप में मिला. हरभजन सिंह ने उन्हें 8 रन के स्कोर पर बोल्ड कर दिया.
जल्द ही ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क भी अपना विकेट दे बैठे. उन्हें अश्विन ने उस वक्त एलबीडब्लू आउट किया जब वह 31 रन के स्कोर पर थे. सातवां विकेट पीटर सिडल के रूप में गिरा. सिडल ने 2 रन बनाए और जडेजा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए.
ऑस्ट्रेलिया का आठवां विकेट अश्विन ने लिया. अश्विन ने पेटिंसन को सहवाग के हाथों कैच आउट करवाया. पेटिंसन ने 11 रन बनाए. नौंवा विकेट स्टार्क के रूप में गिरा. उन्हें अश्विन ने 8 रन के स्कोर पर कैच आउट करवाया.
572 रन पर टीम इंडिया ऑलआउट
भारतीय क्रिकेट टीम ने एम. ए. चिदम्बरम स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के साथ जारी पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन सोमवार को अपनी पहली पारी में 572 रन बनाए. इसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के 224 रन शामिल हैं. भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे. अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए. कुमार और धौनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई.
कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े. इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की है. ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 380 रन बनाए थे. इसमें कप्तान माइकल क्लार्क के 130 रन शामिल हैं.
भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे. धोनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे.
धौनी ने चौथे दिन अपनी पारी में 18 रन और जोड़े तथा जेम्स पैटिंसन की गेंद पर विकेट के पीछे मैथ्यू वेड के हाथों लपके गए. धोनी की 265 गेंदों की पारी में 24 चौके और छह छक्के शामिल हैं.
अपनी इस पारी के दौरान धोनी ने बतौर कप्तान भारत के लिए सबसे बड़ी पारी खेली. इससे पहले यह रिकार्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था, जिन्होंने कप्तान के रूप में 217 रन बनाए थे.
धोनी ने चेन्नई में तीसरी सबसे बड़ी पारी खेली. इस मैदान पर सबसे बड़ी पारी का रिकार्ड भारत के ही वीरेंद्र सहवाग के नाम है, जिन्होंने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 309 रन बनाए थे.
उससे पहले सुनील गावस्कर ने 1983 में यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ 236 रनों की बेशकीमती पारी खेली थी. गावस्कर इस मैदान पर तीन शतक और इतने ही अर्धशतक लगा चुके हैं.
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पैटिंसन ने पांच विकेट लिए जबकि नेथन लियोन को तीन सफलता मिली. इसके अलावा मोएसिस हेनरिक्स और पीटर सिडल को एक-एक विकेट मिला. पैटिंसन ने अपने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट लिए हैं.
तीसरे दिन का खेल
चेन्नई टेस्ट मैच के तीसरे दिन कप्तान धोनी के शानदार दोहरे शतक और विराट कोहली के शतक की मदद से भारत मज़बूत स्थिति में पंहुच गया. तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर भारत ने आठ विकेट पर 515 रन बना लिए थे और ऑस्ट्रेलिया के 380 के स्कोर को पीछे छोड़ते हुए 135 रनों की बढ़त ले ली.
धोनी ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 206 रन बनाए. उन्होंने अपनी पारी में अभी तक 22 चौके और पांच छक्के लगाए हैं. उन्होंने आठवें विकेट के लिए भुवनेश्वर कुमार के साथ रिकॉर्ड साझेदारी की.
धोनी का शतक 119 गेंदों पर 12 चौकों और एक छक्के की मदद से आया. टेस्ट मैचों में धोनी का ये छठा शतक है. धोनी के शतक के ठीक पहले रवींद्र जडेजा 16 रन बनाकर और आर अश्विन तीन रन बनाकर आउट हुए.
भोजन अवकाश पर जाने से पहले तक भारत ने सचिन के 81 और कोहली के नाबाद 83 रन की बदौलत चार विकेट के नुक़सान पर 263 रन बना लिए थे. भोजन अवकाश के बाद कोहली ने कुछ बेहतरीन शॉट खेले और जल्द ही अपना शतक पूरा कर लिया. उन्होंने 199 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौके और एक छक्के की मदद से 102 रन बनाए.
टेस्ट क्रिकेट में कोहली का ये चौथा शतक है और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उनका ये दूसरा शतक है. कोहली का साथ दे रहें हैं कप्तान धोनी ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया.
इससे पहले रविवार की सुबह भारत ने अपने पिछले दिन के स्कोर तीन विकेट पर 182 रन से आगे खेलना शुरू किया. उस समय सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली अर्धशतक बनाकर जमे हुए थे.
एक समय में जब ऐसा लग रहा था कि सचिन अपने शतक की ओर बढ़ रहें हैं तभी वो ल्योन की गेंद पर 81 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड हो गए. उसके बाद धोनी मैदान में उतरे. धोनी और कोहली ने संभलकर खेला और लंच तक मज़ीद कोई नुक़सान सहे 67 रन की साझेदारी की.