बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी ने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस सत्र में अपनी आयु में हेरफेर करने वाले क्रिकेटरों पर लगाम कसी है और एक्सरे रिपोर्ट के आधार पर कई खिलाड़ियों को डिस्क्वालीफाई कर दिया.
शेट्टी ने कहा, ‘हमने काफी कड़ा रुख अपनाया है. कई बच्चे जो जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर खुद को क्वालीफाई कराना चाहते थे उन्हें डिस्क्वालीफाई कर दिया गया. हमने जन्म प्रमाण पत्र के साथ एक्सरे टेस्ट अनिवार्य कर दिया है और इसका अच्छा नतीजा सामने आया है.’
उन्होंने कहा, ‘अगर आप अंडर-16 टूर्नामेंट में खेल रहे हैं तो बराबरी का मौका मिलना अहम है. बच्चे को उसके क्रिकेट कौशल के आधार पर मौका मिलना चाहिए. अगर कोई अधिक आयु का बच्चा खेलता है तो यह उन बच्चों के लिए नुकसान है जो अच्छे हैं. बाद में अधिक आयु के इन खिलाड़ियों का कोई भविष्य नहीं होता. ऐसा नहीं होना चाहिए.’
शेट्टी ने कहा, ‘कृपा करके इस टूर्नामेंट में उन्हीं खिलाड़ियों को खेलने दीजिए जिनकी उम्र 16 साल से कम है. यह भारत में रोग की तरह है जिससे हमें लड़ने की जरूरत है.’