कोहली ने बताया, 'मैं रणजी ट्रॉफी का मैच खेल रहा था और जब मेरे पिता का निधन हुआ तो मुझे टीम के लिए अगले दिन बल्लेबाजी करनी थी. सुबह के ढाई बजे पिता का देहांत हुआ. मैंने उन्हें आखिरी सांस लेते हुए देखा. हम आसपास के डॉक्टरों के यहां गए लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला. फिर हम उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन दुर्भाग्य से डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए. परिवार के सभी लोग टूट गए और रोने लगे लेकिन मेरी आंखों से आंसू नहीं आ रहे थे और मैं सन्न था.'