पाकिस्तान के बल्लेबाज मोहम्मद हफीज और अहमद शहजाद के करियर में हाल ही में उनकी पत्नियों ने ऐसा रोल निभाया जिसने उनकी पूरी जिंदगी ही बदल दी.
पत्नियों के कारण हाल ही में हफीज को कामयाबी और शहजाद को बैन मिला है. दरअसल, हफीज ने लंबे समय बाद पाकिस्तान टीम में वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जड़ दिया जिसका श्रेय उन्होंने अपनी पत्नी नाजिया हफिज को दिया है.
लेकिन इससे उलट पाकिस्तान के ओपनर अहमद शहजाद जो थोड़े विराट कोहली की तरह नजर आते हैं, उनकी पत्नी सना अहमद ने उन्हें कैंसर की दवा दे दी जिससे उन पर 4 महीने का बैन लग गया.
दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही क्रिकेटरों ने अपने मौजूदा हालात के लिए पत्नियों को ‘श्रेय’दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अहमद शहजाद को उनकी पत्नी ने गलती से कैंसर की दवाई दे दी थी, जो क्रिकेटर की मां की थी. इसी वजह से क्रिकेटर के सैंपल में प्रतिबंधित टीएचसी 1 पाया गया था. इसके बाद अहमद शहजाद को डोपिंग का दोषी पाए जाने के बाद चार महीने के लिए बैन कर दिया गया है. शहजाद ने कहा है कि वे पत्नी की एक गलती की वजह से डोपिंग में फंस गए. शहजाद का यूरिन सैंपल लिया गया था, जिसके जांच में वह प्रतिबंधित दवा लेने के दोषी पाए गए.
शहजाद को पाकिस्तान कप टूर्नामेंट में 3 मई को बलूचिस्तान के लिए मैच खेलना था, जिस टीम की वह अगुवाई भी कर रहे थे. मैच वाले दिन जब वह सुबह सो कर उठे तो उन्हें चक्कर आया. शहजाद ने अपनी पत्नी से दवा मांगी. उन्होंने शहजाद को गलती से ग्रेविनेट की जगह उनकी मां द्वारा ली जाने वाली कैंसर की दवा दे दी.
शहजाद ने अपने दावों की पुष्टि के लिए पीसीबी को अपनी मां की दवाओं वाली पर्ची और दूसरे मेडिकल रिकॉर्ड भी दिए हैं. उन्होंने अपना कैरेक्टर सर्टिफिकेट भी पीसीबी को दिया है, जिसमें उनके डोप टेस्टिंग के समय मौजूद रहे फिजियोथेरेपिस्ट, मुख्य कोच मिकी आर्थर, पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक और ऑलराउंडर शोएब मलिक ने साइन किए थे.
वहीं दूसरी तरफ मोहम्मद हफीज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दुबई में खेले जा रहे पहले टेस्ट में 126 रन बनाए. उन्होंने शतकीय पारी के बाद बताया, ‘मैं एशिया कप के लिए टीम में नहीं चुने जाने से बेहद निराश था. यह निराशा, हताशा में बदल रही थी. मैं मानसिक रूप से परेशान था और ऐसे में कोई भी फैसला (संन्यास भी) ले सकता था. लेकिन पत्नी ने मुझे ऐसा करने से रोक दिया.’
हफीज ने बताया कि पत्नी से बात करने के बाद वे काफी हद तक निराशा से उबर गए. इसी दौरान उन्हें शोएब अख्तर का फोन आया. उन्होंने भी मुझे निराश होने की सलाह दी.