ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7 मैच की वनडे श्रृंखला के दूसरे मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए कंगारुओं से पहले मैच में मिली हार का बदला चुकता कर लिया.
द्वारा दिए गए 360 रनों के लक्ष्य को टीम इंडिया ने केवल 1 विकेट खोकर हासिल कर लिया.
शिखर धवन केवल 5 रनों से अपने शतक से चूक गए.धवन ने 86 गेंदों का सामना कर 95 रनों की शानदार पारी खेली. अपनी पारी में धवन ने 14 चौके लगाए.
विश्व क्रिकेट इतिहास में भी किसी टीम द्वारा हासिल किया गया यह दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य है. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 438 रन बनाकर 12 मार्च, 2006 को आस्ट्रेलिया से मिले 434 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया था.
भारत की ओर से बल्लेबाजी करने वाले तीनों ही बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी की और इस श्रृंखला में भारत को 1-1 से बारबरी पर ला दिया.
वैसे तो इस जीत के हीरो तीनों ही बल्लेबाज रहे लेकिन रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अपनी शतकीय पारियों से भारत को यह बड़ी जीत दिलाई.
भारत के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने रोहित शर्मा के साथ मिलकर टीम को ठोस शुरुआत दिलाकर भारत की जीत की नींव रखी.
धवन ने रोहित के साथ 176 रनों की बेहतरीन साझेदारी की.
भारतीय बल्लेबाज पूरे मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर हावी रहे, और रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी.
रोहित शर्मा ने शुरू से ही टिककर खेलते हुए ना सिर्फ अपना शतक पूरा किया बल्कि अंत तक क्रीज पर बने रहे और टीम इंडिया की जीत सुनिश्चित की.
धवन के आउट होने के बाद विराट कोहली बल्लेबाजी करने मैदान में आए और आते ही उन्होंने ताबड़तोड़ चौके छक्के लगाए.
कोहली द्वारा इस मैच में बनाया गया शतक किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे तेज शतक बन गया.
कोहली ने 52 गेंदों में शतक लगाया, जिसमें जिसमें आठ चौके एवं सात छक्के शामिल हैं.
रोहित ने 102 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और कुल 123 गेंदों की पारी में 17 चौके तथा चार छक्के लगाए.