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कनेरिया मामले ने पकड़ा तूल तो बैकफुट पर आए शोएब अख्तर, अब दी ये सफाई

इन दिनों पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर, दानिश कनेरिया और मोहम्मद यूसुफ सुर्खियों में हैं. यह मामला रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर रहे शोएब अख्तर के एक टीवी कार्यक्रम जुड़ा है.

Comments on Kaneria taken completely out of context: Shoaib Akhtar Comments on Kaneria taken completely out of context: Shoaib Akhtar

  • शोएब अख्तर ने यू ट्यूब चैनल पर सफाई दी है
  • अख्तर ने विवाद की वजह पर अपनी बात रखी

इन दिनों पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब अख्तर, दानिश कनेरिया और मोहम्मद यूसुफ सुर्खियों में हैं. यह मामला 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर रहे शोएब अख्तर के एक टीवी कार्यक्रम जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी टीम के कुछ क्रिकेटर दानिश कनेरिया के साथ हिंदू होने की वजह से भेदभाव करते थे. अख्तर ने गुरुवार को दावा किया था कि कुछ पाकिस्तानी क्रिकेटर कनेरिया के साथ खाना खाने से भी हिचकते थे क्योंकि वह हिंदू है.

शोएब अख्तर का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. दानिश कनेरिया ने बयान जारी कर शोएब अख्तर का धन्यवाद किया. साथ ही कनेरिया ने इस मामले को राजनीतिक रंग न देने की अपील भी की थी. इस लेग स्पिनर ने अख्तर के दावे का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय टीम में उनके खेलने के दौरान कुछ खिलाड़ी थे जो हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाते थे, लेकिन उन्होंने कभी अपना धर्म बदलने का दबाव महसूस नहीं किया.

इसके बाद मोहम्मद यूसुफ ने ट्वीट कर शोएब अख्तर की आलोचना की. यूसुफ ने लिखा, 'मैं पाकिस्तान टीम में अल्पसंख्यक खिलाड़ियों के साथ भेदभाव के बारे में की गई टिप्पणियों की निंदा करता हूं. मैं टीम का सदस्य रहा हूं. मुझे टीम, प्रबंधन और प्रशंसकों से बहुत प्यार और समर्थन मिला है.'

इस विवाद के वायरल होने के बाद शोएब अख्तर ने अपने यू ट्यूब चैनल पर सफाई दी. 10:09 मिनट के वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका मकसद अच्छी बातें कर समाज को बेहतर बनाना है, लेकिन बहुत बड़ा विवाद पैदा कर दिया गया. उन्होंने विवाद की वजह पर अपनी बात रखी.

शोएब अख्तर ने कहा, ' मैं देखना चाहता था लोग कैसे रिएक्ट करते हैं. बहरहाल माशा अल्लाह, आपने मेरे उस बयान पर ठीक-ठाक रिएक्शन दिया और ठीक-ठाक गलत खबरें फैलाईं.'

उन्होंने कहा, 'मैंने दानिश कनेरिया मामले में जो कुछ कहा उसे 'टीम कल्चर' के तौर पर नहीं कहा. यह अलिखित अनुबंध है कि हमें प्रत्येक खिलाड़ी का सम्मान करना होगा, फिर चाहे वह कोई भी हो. कुछ खिलाड़ियों ने कुछ हिचक दिखाई, लेकिन यह हमारी टीम का आचरण नहीं था.' अख्तर ने कहा, ‘ये सिर्फ एक या दो खिलाड़ी थे और इस तरह के खिलाड़ी दुनियाभर में हैं जो नस्ली टिप्पणी करते हैं ’

शोएब अख्तर ने कहा, 'समाज के रूप में हमें समझना चाहिए कि ऐसा नहीं होना चाहिए. मैं इस समाज का हिस्सा हूं और मैंने ऐसा किया. मैंने उन्हें कहा कि अगर आप इस तरह बात करोगे (कनेरिया के धर्म को लेकर) तो मैं आपको बाहर फेंक दूंगा क्योंकि यह हमारी संस्कृति नहीं है.'

उन्होंने कहा, 'हमारा ये कल्चर नहीं है. ये बात साबित करने के लिए मेरा एक दूसरा साथी भी वहां बैठा हुआ था. उसने कहा कि शोएब बिल्कुल ठीक कह रहा है और आपको ऐसी बात बिल्कुल नहीं करनी चाहिए.' अख्तर ने कहा, ‘एक देश के रूप में हम इस तरह के भेदभाव के विचारों को हावी नहीं होने दे सकते. हमने इसे वहीं रोक दिया. समाज के रूप में पिछले 10 से 15 साल में हमारे अंदर काफी सुधार आया है.’

उन्होंने साथ ही कहा कि पाकिस्तान ने कभी कनेरिया को टीम से बाहर नहीं किया. अख्तर ने कहा, ‘पाकिस्तान ने कभी दानिश कनेरिया को बाहर नहीं कया. उसे ईसीबी (इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड) के कारण बाहर किया गया. उसके साथ मैच फिक्सिंग का मुद्दा जुड़ा था और ईसीबी ने इसके लिए उसे सजा दी. पाकिस्तान ने उसके साथ कभी कुछ गलत नहीं किया.’

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