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IND vs AUS: 'भारत से बैटिंग सीखो...', अपनी टीम पर भड़के माइकल क्लार्क, गिनाईं ये गलतियां

ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत की धरती पर लगातार परास्त हो रही है. कंगारुओं ने नागपुर के बाद दिल्ली टेस्ट भी गंवाया. अब टीम की रणनीति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने पैट कमिंस की कप्तानी वाली टीम की अब तक की बड़ी गलतियां गिनाई हैं...

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Former captain Michael Clarke (File, Getty)
Former captain Michael Clarke (File, Getty)

भारत के हाथों कंगारुओं की लगातार हार से ऑस्ट्रेलिया में हड़कंप मचा है. पैट कमिंस की कप्तानी वाली टीम ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि भारत की धरती पर टीम का ऐसा हश्र होगा. दो हफ्ते बाद मेहमान टीम सीरीज में 0-2 से पीछे है और बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने का मौका पहले ही गंवा चुकी है. इस बीच पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के भारत दौरे पर अब तक का खराब प्रदर्शन ‘बड़ी गलतियों’ से भरा हुआ है. 

अभ्यास मैच नहीं खेला, अभ्यास शिविर से काम चलाया

क्लार्क को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया ने सबसे बड़ी गलती 9 फरवरी से शुरू हुई 4 टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले अभ्यास मैच नहीं खेलकर की. कमिंस ने इसकी बजाय नागपुर में सीरीज के शुरुआती टेस्ट मैच से पहले बेंगलुरू के पास छोटा अभ्यास शिविर लगाने और इससे पूर्व स्वदेश में भारतीय परिस्थितियों जैसी परिस्थितियां तैयार करके प्रैक्टिस का विकल्प चुना था.

क्लार्क ने सोमवार को बिग स्पोर्ट्स ब्रेकफास्ट पर कहा, ‘मैं जो देख रहा हूं उससे मैं हैरान नहीं हूं क्योंकि हमने अभ्यास मैच में हिस्सा नहीं लिया. बड़ी, बड़ी, बड़ी गलती... वहां कम से कम एक मैच होना चाहिए था, ताकि परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाया जा सके.’

... पहले टेस्ट में ट्रेविस हेड को क्यों नहीं खिलाया?

पहले दो टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की शीर्ष स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ कमजोरियां उजागर हुईं. दिल्ली में मेहमान टीम के बल्लेबाजों ने स्वीप खेलकर स्पिनरों से निपटने का प्रयास किया, लेकिन यह रणनीति बुरी तरह विफल रही. क्लार्क के अनुसार इसके अलावा एक और बड़ी गलती पहले टेस्ट में ट्रेविस हेड को नहीं खिलाना थी.

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बाएं हाथ के बल्लेबाज हेड ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में 46 गेंद में 43 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे, जबकि पूरी टीम 113 रनों पर ऑल आउट हो गई. यह पहली बार था जब उन्होंने टेस्ट मैच में पारी की शुरुआत की.

आधे बल्लेबाज स्वीप या रिवर्स स्वीप करते आउट हुए

क्लार्क ने कहा, ‘पहले टेस्ट के लिए चयन, बड़ी, बड़ी गलती. दूसरे टेस्ट में उन्होंने स्वीप किया, हमने पहले टेस्ट मैच में काफी स्वीप शॉट देखे थे. जब आप अपनी पारी शुरू करते हैं तो वे स्वीप करने के लिए सही समय नहीं होता.’ कम उछाल वाली पिच पर ऑस्ट्रेलिया के आधे बल्लेबाज स्वीप या रिवर्स स्वीप करते आउट हुए.

क्लार्क ने कहा, ‘इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके आसपास कितने सहयोगी कर्मचारी हैं, आप ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल रहे हैं. निश्चित रूप से उच्चतम स्तर पर खेलने वाले बल्लेबाज के रूप में, आप जोखिम बनाम इनाम की गणना करते हैं.’

बैटिंग कैसे की जाती है... भारत से सीखना चाहिए था

क्लार्क ने यह भी कहा कि स्पिन की अनुकूल परिस्थितियों में बल्लेबाजी कैसे की जाती है यह ऑस्ट्रेलिया को भारत से सीखना चाहिए था. उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि हम भारत को बल्लेबाजी करते हुए नहीं देख रहे हैं. माना ये लोग परिस्थितियों को इतनी अच्छी तरह से जानते हैं और इसी के अनुसार वे खेल रहे हैं. जब वे इतने अच्छे रहे हैं तो हम कुछ अलग करने की कोशिश क्यों करेंगे?’

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इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘अगर हम 200 रन बनाते तो मैच जीत सकते थे. हमारा स्कोर एक विकेट पर 60 रन था.’ ऑस्ट्रेलिया ने अपने अंतिम 9 विकेट 52 रन जोड़कर गंवाए. भारत को 115 रनों का लक्ष्य मिला जो उसने 4 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया.

कमिंस के फील्डर्स को सजाने पर भी सवाल उठाए

क्लार्क ने रविवार को पैट कमिंस के फील्डर्स को सजाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘मुझे यकीन नहीं है कि हमारी रणनीति के साथ क्या हुआ. हमारे पास सिर्फ 100 रन थे. एक समय में कमिंस के पास बाउंड्री पर चार खिलाड़ी थे. टेस्ट मैच में ढाई दिन बाकी थे. आप या तो भारत को सौ से कम पर आउट कर रहे हैं या आप हार रहे हैं.’

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