पेशे से स्कूल टीचर स्टीव ओकीफे ने पुणे टेस्ट में कुल 12 विकट चटकाए और ऑस्ट्रेलिया 13 साल बाद भारत में पहली बार टेस्ट जीतने में कामयाब रहा. महज पांचवां टेस्ट खेलते हुए इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाले ओकीफे के बारे में जानिए 11 दिलचस्प फैक्ट्स-
1. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बिगबैश से ओकीफे का नाम कटवाया
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने 32 वर्षीय लेफ्ट आर्म स्पिनर स्टीव ओकीफे को भारत दौरे पर भेजने के लिए काफी गंभीर दिखा था. ओकीफे सिडनी सिक्सर्स टीम से खलते हुए बिग बैश लीग में वापसी करने वाले थे, लेकिन उनका नाम टीम लिस्ट से कटवा दिया गया, ताकि वे भारत के खिलाफ सीरीज के लिए पूरी तैयारी कर सकें. अब नतीजा सबके सामने है- ऑस्ट्रेलियान ने 19 टेस्ट मैचों से अपराजेय भारत का विजय रथ रोक दिया.
2. ओकीफे ने पुणे टेस्ट की पहली पारी में 24 गेंदों में 6 विकेट लिए. जिसमें से तीन विकेट तो एक ही ओवर में निकाले और भारत 105 रन पर ढेर हो गया.
3. भारत में टेस्ट खेलते हुए किसी भी विदेशी गेंदबाज के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में दूसरे स्थान पर हैं, जानिए कैसे-
1. इयान बॉथम (इंग्लैंड) : 106 रन देकर 13 विकेट , मुंबई 1980
2. स्टीव ओकीफे ( ऑस्ट्रेलिया ) : 70 रन देकर 12 विकेट, पुणे 2017
3. फजल महमूद ( पाकिस्तान) : 94 रन देकर 12 विकेट, लखनऊ 1952
A deserved Man of the Match award for Steve O'Keefe, his figures the best by an Australia bowler in India #IndvAus pic.twitter.com/2haQHyl0JS
— ICC (@ICC) February 25, 2017
4. मलेशिया से आए ऑस्ट्रेलिया
स्टीव ओकीफे ऑस्ट्रेलिया के पहले टेस्ट क्रिकेटर हैं, जो मलेशिया में पैदा हुए, वहां उनके पिता एयरफोर्स में कार्यरत थे, इसी वजह से नन्हे ओकीफे चार साल की उम्र तक वहीं पले-बढ़े.
5.क्रिकेट के अलावा भी उनकी दुनिया
क्रिकेट के बाहर भी इनकी दुनिया है. वे फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलते हुए अपने होम टाउन न्यू साउथ वेल्स के एक स्कूल में ट्रेंड PE टीचर (प्रशिक्षित फिजिकल एजुकेशन टीचर) के तौर पर जुड़े रहे.
6. न्यू साउथ वेल्स ने कैटिच की जगह कप्तान बनाया था
ओकीफे की नेतृत्व क्षमता को पहचानते हुए न्यू साउथ वेल्स ने उन्हें अपनी टीम का कप्तान बना दिया था. 2011 में पूर्व टेस्ट क्रिकेटर साइमन कैटिच की जगह उन्होंने टीम की कमान संभाली. लेकिन 2013 में उन्होंने अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए कप्तानी छोड़ दी. ओकीफे फाइनल ईयर में अपने स्कूल के कैप्टन रह चुके हैं.
7.वॉर्न युग के बाद के सबसे दुर्भाग्यशाली क्रिकेटर
ओकीफे शेन वॉर्न युग के बाद के ऐसे दुर्भाग्यशाली क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिसे टेस्ट क्रिकेट में स्थान पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा.इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने 13 स्पिनर्स आजमायाए. हालांकि उन्होंने 2010 में ही टी-20 इंटरनेशनल में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू कर चुके हैं. आईपीएल में कोच्चि टस्कर्स टीम में भी वे रह चुके हैं.
8.डोहर्टी, मैक्सवेल, एगर को मिली ज्यादा तवज्जो
बेहतर फर्स्ट क्लास बोलिंग एवरेज (24.72) के बावजूद ओकीफे को टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया, जबकि उनसे कम एवरेज वाले जेवियर डोहर्टी (42.35), ग्लैन मैक्सवेल (37.97) व एस्टन एगर (43.85) को उनसे पहले मौका दिया गया.
9. नहीं चुने जाने पर आपसी जलन को वजह बताया था
ओ'कीफे ने खुद स्वीकार किया था कि 2013 के भारत दौरे पर आश्चर्यजनक रूप से उनके नहीं चुने जाने के पीछे किसी की व्यक्तिगत शुत्रता हो सकती है .
10.आखिरकरा शेफील्ड शील्ड में प्रदर्शन का इनाम मिला
शेफील्ड शील्ड के एक सीजन में ओकीफे ने 20.43 की औसत से 41 विकेट झटकने के बाद आखिरकार ओकीफे को पाकिस्तान के खिलाफ 2014 में यूएई में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू का मौका मिला.
11.अपने प्राइवेट लाइफ पर कुछ भी नहीं बताते
ओकीफे ने अब तक शादी नहीं की है और न ही अपने प्राइवेट लाइफ के बार में कभी कुछ खुलासा किया है. यहां तक कि उनके गर्लफ्रेंड के बार में भी उन्होंने किसी से कुछ नहीं साझा किया है.