जिस प्रकार जन्म के बाद मृत्यु को तय माना गया है. उसी तरह से कई दर्शनों में संसार के विनाश की बातें भी कही गई हैं. संसार के विनाश यानी पृथ्वी के प्रलय का सिद्धांत. प्रलय यानी धरती पर तमाम चीजों का नष्ट हो जाना. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दुनिया के हर धर्म ने अपनी तरह से प्रलय का जिक्र करते हुए इसकी व्याख्या
की है. हालांकि इसका सही समय क्या है और प्रलय के बाद क्या होगा, इस बारे
में कुछ साफ़ नहीं है. आइए जानते हैं दुनिया के 5 बड़े धर्मों में किस तरह से प्रलय को लेकर भविष्यवाणी हुई हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
वैसे प्रलय को लेकर कई भविष्यवाणी अब तक झूठी साबित हुई हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बौद्ध धर्म - बौद्ध धर्म के मुताबिक जब दुनिया से सभी धर्म और सभी जाति के लोग खत्म हो जाएंगे तो उसके करीबन 4600 वर्षों बाद प्रलय आएगी. क्षितिज में एक-एक कर लगभग 6 और सूर्य आएंगे जिसके बाद एक आग के गोले की तरह दुनिया का विनाश होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जोरास्ट्रियन- इस धर्म के मुताबिक, प्रलय आने से पहले दुनिया बिल्कुल पवित्र हो जाएगी. साथ ही प्रलय आने से पहले आखिरी बार ईश्वर और शैतान का आमना सामना होगा, जिसमें ईश्वर विजयी होंगे. इसके बाद ईश्वर दुनिया का एक बार फिर से उसी तरह निर्माण करेगें जैसे दुनिया बनाई गई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जोरास्ट्रियन सिद्धांत के मुताबिक, प्रलय के बाद सभी मृत लोग अपनी कब्रों से उठेंगे और ईश्वर को अपने कर्मों का हिसाब-किताब देंगे. जिन लोगों ने ईश्वर के नियमों का पालन कर अपना जीवन गुजारा होगा उनको मुक्ति दे दी जाएगी. वहीं पापी लोगों को ज्वालामुखी से निकलने वाला पिघला हुआ लावा खिलाया जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हिंदू- हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान विष्णु अंतिम बार वापस आएंगे, जिसको हिंदू धर्म में कल्कि कहा गया है. कल्कि भगवान विष्णु का अंतिम अवतार माना जाता है. मान्यता है कि जब संसार में लोगों के पाप हद से ज्यादा बढ़ जाएंगे तब भगवान विष्णु सफेद घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए बुराईयों का विनाश करेंगे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जुडेज्म- इस धर्म में माना जाता है कि मौत के बाद मरने वाले व्यक्ति की आत्मा ईश्वर के पास चली जाती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जुडेज्म के मुताबिक, कयामत यानी प्रलय के दिन ईश्वर सभी मृत लोगों के शरीर को नए सिरे
से बनाएंगे, जिनको ईश्वर के सामने खड़े होकर अपने-अपने कर्मों की सजा दी
जाएगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ईसाई धर्म- ईसाई धर्म में मान्यता है कि संसार के आखिरी दिन सभी मृत और जीवित लोगों को आकाश में ले जाया जाएगा, जहां वो सभी जीजस से मिलेंगे. ईसाई धर्म में इस मान्यता को 'रैपचर' का नाम दिया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ब्लू स्टार होपी जनजाति- पुराणों में बताया गया है कि प्रलय से पहले ब्लू स्टार कचीना तारे के रूप में प्रकट होगा. ये प्रलय का 9वां और आखिरी संकेत होगा जिससे ये पता चलेगा कि धरती का विनाश होने वाला है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)