प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इंदौर में दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मंच पर मौजूद थे.
पीएम मोदी ने नंगे पैर सैफी मस्जिद में प्रवेश किया और मजलिस में शामिल हुए.
उन्होंने बोहरा समुदाय की तारीफ करते हुए उनकी राष्ट्रभक्ति को देश के लिए
मिसाल बताया.
ये कार्यक्रम हज़रत इमाम हुसैन की शहादत के स्मरणोत्सव ‘अशरा मुबारका’ में
किया जा रहा है. बोहरा समाज के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब
मुहर्रम की मजलिस के कार्यक्रम में कोई प्रधानमंत्री शामिल हुआ. शिवराज
सरकार ने सैफुद्दीन को राजकीय अतिथि का दर्जा दिया है.
पीएम मोदी मस्जिद में मजलिस में शामिल हुए.
इस मस्जिद का ताल्लुक मुसलमानों की उस जमात से है जो सबसे ज्यादा संपन्न और आर्थिक रूप से मजबूत माने जाते हैं. कट्टर छवि से दूर दाऊदी बोहरा समुदाय के लोग ज्यादातर कारोबारी है. इसे मस्जिद में पीएम मोदी का चुनावी सजदा माना जा रहा है.
पीएम मोदी ने इस मौके पर हज़रत इमाम हुसैन की शहादत के स्मरणोत्सव ‘अशरा मुबारका’ में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित किया.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बोहरा समुदाय के लोगों की खूब सराहना की.
उन्होंने कहा, बोहरा समाज ने शांति के लिए जो योगदान दिया है, उसकी बात हमेशा मैं
दुनिया के सामने करता हूं.
उन्होंने कहा कि बोहरा समाज की भूमिका राष्ट्रभक्ति के प्रति सबसे अहम
रही है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि बोहरा समाज के साथ मेरा रिश्ता काफी
पुराना है, मैं इस परिवार का सदस्य हूं. मेरे दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले
हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तब बोहरा समाज हमेशा मेरे साथ था. कई बार मैं धर्मगुरु जी से मिलने सूरत के एयरपोर्ट पर चला गया.
पीएम मोदी मस्जिद में करीब 35 मिनट का समय बिताया.
बता दें कि यह मस्जिद 2002 में बनी थी.
पीएम मोदी को बोहरा समुदाय के धर्मगुरु ने तसबी दी जिसे उन्होंने चूमा.
प्रधानमंत्री बनने के बाद यूं तो नरेंद्र मोदी कई बार मस्जिद जा चुके हैं. लेकिन हर बार सजदा विदेश धरती पर हुआ है, यानी विदेश में कई बार पीएम मस्जिद जा चुके हैं. यह दूसरा मौका है जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री रहते हुए देश की किसी मस्जिद में पहुंचे हैं.
ये पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी देश की किसी
मस्जिद में जा रहे हैं. पिछले साल सितंबर में ही वो अहमदाबाद की मशहूर
सिद्दी सैयद मस्जिद गए थे. तब उनके साथ जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे
थे. प्रधानमंत्री बनने के बाद वो पहला मौका था जब पीएम देश की किसी मस्जिद
में गए थे.
प्रधानमंत्री बनने के बाद भी कई विदेशी दौरों पर वो मंदिर जा चुके हैं लेकिन विदेशी दौरे पर उन्होंने मस्जिदों से भी किनारा नहीं किया. बड़े मुस्लिम देशों में वो मस्जिद भी गए. वहां वक्त बिताया. सबसे पहले साल 2015 में पीएम मोदी यूएई के दौरे पर शेख जायदे मस्जिद गए थे. ये दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद मानी जाती है.
फरवरी 2018 में पीएम मोदी ओमान यात्रा पर गए थे. यहां मस्कट में शिव मंदिर के दर्शन करने के बाद वो सुल्तान कबूस ग्रैंड मस्जिद गए. ये मस्जिद ओमान की सबसे बड़ी मस्जिद थी.
इसी साल मई में पीएम मोदी इंडोनेशिया की इस्तिकलाल मस्जिद भी गए. ये दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद है.
जून में पीएम सिंगापुर गए. वहां की सबसे पुरानी चिलुया मस्जिद में गए. विदेशों में पीएम के मस्जिद जाने पर विपक्ष ने सवाल भी उठाए.