यहां तुलाभाराम का रिवाज काफी लोकप्रिय है. तुलाभारम को तुला-दान, तुला-पुरुष आदि भी कहा जाता है. यह रिवाज हिन्दू धर्म के सबसे पुराने अनुष्ठानों में से एक है. इसमें श्रद्धालु के वजन के बराबर वस्तु (सोना, अनाज, फूल या कोई अन्य वस्तु) तौली जाती है. इसके बाद उस वस्तु को दान कर दिया जाता है. यह अनुष्ठान ‘षोडश महादान’ में से एक हैं. पुराणों में दान के 16 प्रकार के तरीके बताए गए हैं, जिनमें से एक ‘तुलाभारम’ भी है.