scorecardresearch
 

Premanand Maharaj: क्या पति के पापों का फल पत्नी को भी भोगना पड़ता है? प्रेमानंद महाराज ने बताई सच्चाई

प्रेमानंद महाराज ने पति-पत्नी के कर्मों के फल को लेकर सवालों का जवाब दिया, उन्होंने स्पष्ट किया कि पति के पापों का फल पत्नी को नहीं भोगना पड़ता, क्योंकि पाप कर्म का फल व्यक्तिगत होता है. साथ ही, उन्होंने धोखा करने वाली स्त्री के नर्क जाने की बात कही, इस वार्तालाप में उन्होंने पति-पत्नी के पुण्यों और पापों के प्रभाव के बारे में खुलकर बताया.

Advertisement
X
बुरे कर्मों का फल व्यक्तिगत होता है. (PHOTO:ITG)
बुरे कर्मों का फल व्यक्तिगत होता है. (PHOTO:ITG)

Premanand Maharaj: वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं, जिनमें वो कई बार उस सवाल का जवाब दे रहे होते हैं जो लोगों के मन में उथल-पुथल करते रहते हैं. प्रेमानंद महाराज अपने एकांतित वार्तालाप के दौरान लोगों के मन में उठने वाले कई सवालों के सीधे और सटीक जवाब दे चुके है. इस बार उन्होंने पति-पत्नि के रिश्ते से जुड़े एक सवाल का जवाब दिया है, एकांतित वार्तालाप के समय उनसे सवाल पूछा गया कि क्या पति के पापों का फल पत्नी को भी भोगना पड़ता है? 

भारतीय परंपरा में पति को परमेश्वर का स्थान दिया गया है और कहा जाता है कि शादी के बाद पति-पत्नी एक समान होते हैं. इसलिए उनके कर्मों का फल भी एक-दूसरे को भुगतना पड़ता है. लेकिन क्या सच में एक पत्नी को अपने पति के बुरे कर्मों का फल भी खुद भोगना पड़ता है, यह सवाल कई महिलाओं के मन में उठता है, जिसका जवाब अब प्रेमानंद महाराज ने दिया है. आइए जानते हैं कि क्या पति के पापों का फल पत्नी को भी भोगना पड़ता है या नहीं. 

 क्या पति के पापों का फल पत्नी को भी भोगना पड़ता है? 

इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने साफ शब्दों में कहा कि 'नहीं.. पति और पत्नी को एक-दूसरे के बुरे कर्मों का फल नहीं भोगना पड़ता है. पाप कर्म का अपना है, पत्नी को धर्म सहचारिणी कहा गया है. जब पति धर्म का काम करता है तो पत्नी को उसका फल मिलता है. लेकिन अधर्म के असर पत्नी पर नहीं होता.'

Advertisement

कौन-सी स्त्री नर्क में जाती है? 

प्रेमानंद महाराज ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'जो स्त्री अपने पति के साथ धोखा करके दूसरे आदमी के साथ संभोग करती है तो करोड़ों वर्ष तक नर्क में पड़ती है. यह सब पाप कर्म है, बहुत सावधानी से... जब शादी हो जाए, तो धर्मपूर्वक चलो. पाप कर्म को त्याग करो और नामजाप करो. '

क्या पति-पत्नी को एक-दूसरे के पुण्यों का फल मिलता है?

प्रेमानंद महाराज ने इस सवाल के जवाब में कहा कि अगर पत्नी पूजा-अर्चना करती है और पति अपनी मनमानी करता है, तो पति को उसकी पूजा का फल नहीं मिलेगा. लेकिन अगर पत्नी सिर्फ अपने पति की आज्ञा का पालन करती है और कोई पूजा-पाठ नहीं करती है. फिर भी उसका कल्याण हो जाएगा. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement