
विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखा करती हैं. हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को महिलाएं यह व्रत रखती हैं. आज पति की लंबी उम्र के लिए सुहागन महिलाओं ने पूरे हर्ष के साथ करवा चौथ का व्रत रखा. वहीं अब करवा चौथ का चांद भी दिख चुका है. चांद दिखने के साथ ही सुहागन महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत खोला.
करवा चौथ के दिन सूर्योदय के साथ ही व्रत का संकल्प लिया जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है. इसके बाद ही महिलाएं कुछ ग्रहण करती हैं. अब देश के कई हिस्सों मे करवा चौथ का चांद दिख चुका है. बिहार के पटना में और चंडीगढ़ में महिलाओं ने चांद देखकर अपना व्रत खोला है. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर करवा चौथ पर पूजा हुई. सीएम शिवराज और उनकी पत्नी करवा चौथ के मौके पर साथ पूजा करते हुए दिखे.

वहीं पंजाब के अमृतसर में भी महिलाओं ने चांद को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला है. हालांकि दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण के कारण चांद देरी से दिखा. वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में भी चांद का दीदार हुआ. हालांकि स्मॉग के कारण चांद काफी धुंधला दिखा. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी चांद को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने अपना व्रत खोला.
Punjab: People in Amritsar take part in rituals of the #KarvaChauth festival. pic.twitter.com/ZTEzmSJ5YL
— ANI (@ANI) November 4, 2020
करवा चौथ के दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना करती है. इस दिन भगवान गणेश, गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है. चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है. इसलिए चंद्रमा की पूजा करके महिलाएं वैवाहिक जीवन मैं सुख शांति और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं.
करवा चौथ के दिन महिलाएं चंद्रमा के दर्शन के लिए थाली सजाती हैं. थाली में दीपक, सिन्दूर, अक्षत, कुमकुम, रोली और चावल की बनी मिठाई या कोई भी सफेद मिठाई रखती हैं. संपूर्ण श्रृंगार और करवे में जल भरकर मां गौरी और गणेश की पूजा की जाती है. वहीं चंद्रमा के निकलने पर छलनी से या जल में चंद्रमा को देखा जाता और अर्घ्य देकर करवा चौथ व्रत की कथा सुनी जाती है. साथ ही पति की लंबी आयु की कामना की जाती है.
100 सालों के बाद संयोग
ज्योतिषियों के अनुसार इस बार करवा चौथ के दिन 4 राजयोगों के साथ करीब आधा-दर्जन शुभ योग बन रहे हैं. आज के दिन शिव योग, अमृत योग और सर्वार्थसिद्धि योग बन रहे हैं. इतना ही नहीं आज, शंख, गजकेसरी, हंस और दीर्घायु राजयोग भी बन रहे हैं. ऐसा महा संयोग करीब 100 सालों बाद बना है.