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Budh Pradosh Vrat 2023: अक्टूबर माह का पहला प्रदोष व्रत आज, इस शुभ मुहूर्त में करें शिव-गणेश की पूजा

Budh Pradosh Vrat 2023: हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखने की परंपरा है. आज अक्टूबर माह का पहला प्रदोष व्रत है. दिन बुधवार होने की वजह से इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा. बुध प्रदोष व्रत करने वालों को भगवान शिव और गणपति का आशीर्वाद मिलता है.

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Budh Pradosh Vrat 2023: अक्टूबर माह का पहला प्रदोष व्रत आज, इस शुभ मुहूर्त में करें शिव-गणेश की पूजा
Budh Pradosh Vrat 2023: अक्टूबर माह का पहला प्रदोष व्रत आज, इस शुभ मुहूर्त में करें शिव-गणेश की पूजा

Budh Pradosh Vrat 2023: सनातन धर्म में हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखने की परंपरा है. आज अक्टूबर माह का पहला प्रदोष व्रत है. दिन बुधवार होने की वजह से इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाएगा. बुध प्रदोष व्रत करने वालों को भगवान शिव और गणपति दोनों का आशीर्वाद मिलता है. बुध प्रदोष व्रत बच्चों की बुद्धि और स्वास्थ्य की उन्नति की मनोकामना के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. आइए आपको इसकी पूजन विधि और मुहूर्त बताते हैं.

क्या है शुभ मुहूर्त?
प्रदोष व्रत की पूजा शाम को सूर्यास्त से पहले और बाद में की जाती है. इस बार अश्विन बुध प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त आज शाम 05 बजकर 56 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. यानी शिव और गणपति की पूजा के लिए आपको 2 घंटे 29 मिनट का समय मिल रहा है.

पूजन विधि
बुध प्रदोष के दिन सुबह स्नानादि के बाद हल्के रंग के वस्त्र धारण करें. भगवान गणेश जी के सामने घी का दीया जलाकर गं मंत्र का 108 बार जाप करें. भगवान शिव के मंत्र नमः शिवाय का जाप करें. शाम के समय प्रदोष काल मे भगवान शिव को पंचामृत (दूध दही घी शहद और शक्कर) से स्न्नान कराएं. इसके बाद शुद्ध जल से स्न्नान कराकर रोली मौली चावल धूप दीप से पूजन करें. भगवान शिव को सफेद चावल की खीर का भोग लगाएं. आसन पर बैठकर शिवाष्टक का पाठ करें तथा सारे विघ्न और दोषों को खत्म करने की प्रार्थना भगवान शिव से करें

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मनचाहा वरदान पाने का उपाय
इस दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनें. बड़े बुजुर्गों के पैर छुएं. उसके बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल में शक्कर मिलाकर अर्घ्य दें. प्रदोष व्रत के दिन 27 हरी दुर्वा की पत्तियों को कलावे से बांध लें और सिंदूर लगा लें. अब दुर्वा की पत्तियां गणपति को अर्पित करें. इसके बाद भगवान भोलेनाथ को दूध, शक्कर, शुद्ध घी अर्पित करें और उन्हें शुद्ध जल से स्नान कराएं. 

इस दिन भगवान गणपति को लाल फल या लाल मिठाई का भोग लगाएं और भगवान शिव को साबुत चावल की खीर का भोग लगाएं. इसके बाद आसन पर बैठकर ऊं नम: शिवाय या नम: शिवाय का 108 बार जाप करें. भगवान शिव की पूजा सुबह और शाम प्रदोष काल में करें. ऐसा करने से नौकरी, व्यापार में लाभ के साथ मन की इच्छा जरूर पूरी होगी.  

सावधानियां
1. इस दिन काले कपड़े धारण न करें.
2. बुध प्रदोष व्रत के दिन किसी का भी अपमान न करें.
3. इस दिन शिवलिंग पर हल्दी अर्पित न करें. 
4. बुध प्रदोष व्रत के दिन तामसिक भोजन, मांस, शराब इत्यादि का भूल से भी सेवन न करें.
5. बुध प्रदोष व्रत के दिन किसी को गुस्सा न दिखाएं या किसी पर क्रोध न करें और साथ ही किसी तरह की लड़ाई में भी ना पड़े. 

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