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Bhai Dooj 2021: भाई दूज पर 2 घंटे 11 मिनट का शुभ मुहूर्त, इस समय पर न करें भाई को तिलक

Bhai Dooj 2021: भाई दूज दिवाली के पांच दिवसीय पर्व में आखिरी दिन ये पर्व म नाया जाता है. इस पर्व को यम द्वितीया के नाम से भी जानते हैं. भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनके मंगलकारी जीवन और लंबी उम्र की कामना करती हैं. इस दिन भाई के तिलक के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए. भूलकर भी राहुकाल में भाई का तिलक नहीं करें. इस बार भाई के तिलक के लिए 2 घंटे 11 मिनट का शुभ मुहूर्त है.

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भाई दूज पर 2 घंटे 11 मिनट का शुभ मुहूर्त
भाई दूज पर 2 घंटे 11 मिनट का शुभ मुहूर्त
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राहुकाल में न करें भाई का तिलक
  • बहनें शुभ मुहूर्त का रखें ध्यान

Bhai Dooj 2021: भाई दूज कार्तिक शुक्ल द्वितिया यानि आज शनिवार के दिन मनाया जा रहा है. बहनें अपने भाई का तिलक करती हैं और उसकी लंबी उम्र की दुआ करती हैं. ज्योतिष के अनुसार भाई दूज का त्योहार शुभ मुहूर्त (Shubh muhurt) में मनाने से लाभ होता. जबकि राहु काल (Rahu kaal) में भाई को तिलक करने से बचना चाहिए. इस बार बहनों को भाई के तिलक करने के लिए 2 घंटे 11 मिनट का शुभ समय मिला है. आपको बताते हैं राहु काल का समय, जिसमें बहनों को तिलक नहीं करना है और भाई दूज का शुभ मुहूर्त...

भाई दूज 2021 शुभ मुहूर्त (Bhai Dooj 2021 Shubh Muhurat)

भाई दूज की द्वितिया तिथि 5 नवंबर को रात्रि 11 बजकर 14 मिनट से लगी है. ये तिथि 6 नवंबर को शाम 7 बजकर 44 मिनट तक बनी रहेगी. इस दिन भाइयों को तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 बजे से लेकर 3 बजकर 21 बजे तक रहेगा. यानि तिलक करने का शुभ मुहूर्त 2 घंटा 11 मिनट तक रहेगा. 

राहु काल में न करें तिलक 

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार आज शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि है. आज सूर्य तुला राशि में और चन्द्रमा वृश्चिक राशि में संचरण करेंगे. आज का नक्षत्र अनुराधा है और पूर्व दिशाशूल है. आज राहुकाल का समय 9 बजकर 24 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक का है. एक घंटा 23 मिनट का राहुकाल का समय है, इस समय पर भाई को तिलक न करें. 

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बहनें थाली में जरूर रखें ये सामान 

भाई दूज पर भाई की आरती उतारते वक्त बहन की थाली में सिंदूर, फूल, चावल के दाने, सुपारी, पान का पत्ता, चांदी का सिक्का, नारियल, फूल माला, मिठाई, कलावा, दूब घास और केला जरूर होना चाहिए. इन सभी चीजों के बिना भाई दूज का त्योहार अधूरा माना जाता है. 

इस तरह करते हैं पूजा 

बहनें सुबह स्नान करने के बाद अपने ईष्ट देव, भगवान विष्णु या गणेश की पूजा करें. इस दिन भाई के हाथों में सिंदूर और चावल का लेप लगाने के बाद उस पर पान के पांच पत्ते, सुपारी और चांदी का सिक्का रखती हैं. फिर उसके हाथ पर कलावा बांधकर जल उडेलते हुए भाई की दीर्घायु के लिए मंत्र पढ़ती हैं. कहीं-कहीं बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारती हैं और फिर कलाई पर कलावा बांधती हैं. फिर वह भाई का माखन-मिश्री या मिठाई से मुंह मीठा करवाती हैं और अंत में उसकी आरती उतारती हैं. इस दिन बहुत से भाई अपनी बहनों के घर जाकर भोजन भी करते हैं और उन्हें कुछ उपहार भी देते हैं.

 

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