बम धमाके, फिदायीन हमले, मानव बम, एके-47 आतंकवादियों के ये हथियार अब पुराने पड़ गये हैं. अब रेडियो-ऐक्टिव हथियारों की शक्ल में उन्होंने ज्यादा खतरनाक हथियार इजाद कर लिये हैं.