खेती शब्द सुनकर दिमाग खेत-खलियान और किसान की छवि उभरती है, लेकिन जब यही शब्द सियासतदानों के जुबान पर चढ़ता है तो मायने बदल जाते है. आज स्पेशल रिपोर्ट में खून की खेती के सियासी ज्ञान का संपूर्ण विश्लेषण किया जायेगा. आखिर सियासत के शब्दकोश से निकले इस शब्दभेदी बाण की चर्चा संसद से सड़क तक क्यों हो रही है, समझें. देखें स्पेशल रिपोर्ट.