भारत का स्वदेशी कावेरी जेट इंजन रूस में अपने परीक्षण के अंतिम चरण में पहुँच चुका है, जिसका लक्ष्य 90 किलो न्यूटन थ्रस्ट क्षमता हासिल कर तेजस और भविष्य के मानव रहित लड़ाकू विमानों (यूसीएवी) को शक्ति प्रदान करना है; यह परियोजना दशकों से डीआरडीओ द्वारा विकसित की जा रही है.