वो लाठी, डंडे या बंदूक का इस्तेमाल नहीं करता. उसके पास होता है एक ऐसा हथियार जिसकी चोट थर्ड डिग्री टॉर्चर से कम नहीं होती लेकिन सबूत कुछ भी नहीं. आप उसे वर्दी वाला हैवान ही कहेंगे. यूपी हो या पंजाब पुलिस, कहीं भी आपको दिख सकते हैं उस हथियार की चोट से कराहते लोग.