वो रात होगी सौ साल की सबसे काली रात. घुप्प घना अंधकार रोशनी के हर कतरे को निगल जाएगा. पूर्णिमा की रात चांदनी की छटा नहीं धरती पर अंधेरी काली चादर पसर जाएगी. धरती पर ये मंजर वाकई अद्भुत होगा. लेकिन ज्योतिष का कहना है कि ये संयोग काफी उथल पुथल मचाने वाला हो सकता है हिंसक हो सकता है. तो बस रहिएगा सावधान क्योंकि 4 दिन बाद आने वाला है तूफान.