साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ चद्रशेखर कंबार ने ओड़िआ और मलयाळम् भाषा में वर्ष 2020 के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार की घोषणा कर दी है. ओड़िआ लेखिका तथा कवयित्री यशोधारा मिश्र की कृति समुद्रकूल घर और मलयाळम् नाटककार, उपन्यासकार तथा कवि ओमचेरी एनएन पिल्लई की कृति आकस्मिकम् ओरम्मक्कुरिप्पुकल को साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2020 की स्वीकृति प्रदान की गई है.
साहित्य अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव के मुताबिक इस उद्देश्य के लिए निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार त्रिसदस्यीय जूरी द्वारा की गई सिफ़ारिशों के आधार पर पुस्तक का चयन किया गया. ओड़िआ में यशोधारा मिश्र की पुस्तक का चयन बहुमत से किया गया. इस आशय के लिए ओड़िआ जूरी के सदस्यों डॉ वीणापाणि महांति, डॉ प्रतिभा सतपथी और रमाकांत रथ की संस्तुतियों के आधार पर साहित्य अकादेमी पुरस्कार घोषित किया गया
मलयाळम् भाषा में भी त्रिसदस्यीय जूरी डॉ केपी शंकरन, सेतुमाधवन और डॉ अनिल वल्लतोलद्वारा की गई सिफ़ारिशों के आधार पर पुस्तक का चयन किया गया. यह चयन भी बहुमत से हुआ. दोनों ही भाषाओं में यह पुरस्कार वर्ष 2020 से तत्काल पहले के वर्ष के पूर्ववर्ती पांच वर्षों यानी 1 जनवरी, 2014 से 31 दिसंबर, 2018 के मध्य में प्रकाशित पुस्तकों पर विचार करते हुए प्रदान किया गया.
प्रत्येक पुरस्कार विजेता को अकादेमी द्वारा आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में पुरस्कार के रूप में एक उत्कीर्ण ताम्रफलक तथा 1,00,000/- रुपए का चेक प्रदान किया जाएगा.