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कविता

पंकज सुबीर के ग़ज़ल संकलन 'यही तो इश्क है' का आवरण-चित्र

यही तो इश्क हैः सलाहियत के सलीके वाला ग़ज़ल संकलन

06 जुलाई 2021

हिंदी में ग़ज़ल की दुनिया दिनोंदिन परवान चढ़ रही है. यह पाठ्यक्रम में भी पढ़ाई जाने लगी है. हिंदुस्तानी जबान के साथ इन ग़ज़लों को पढ़ने का अपना आनंद पंकज सुबीर की ग़ज़लों पर एक नजर.

वरिष्ठ साहित्यकार एसआर हरनोट

मैं मनुष्य नहीं हूं अब... और एसआर हरनोट की 7 कविताएं

14 जून 2021

हिमाचल निवासी वरिष्ठ साहित्यकार एस. आर. हरनोट संवेदनाएं कुंलाचे मारते हुए आपको उन यादों में ले जाती हैं कि अगर आप भावुक हुए, तो आंखों का बहता खारा पानी आपके आसपास की जमीन को भी समंदर कर सकता है.

धूमिल और हिंदी काव्यमंचः ऐतिहासिक आयोजन, अतीत की बात

विचारः वाचिक से क्यों चिढ़ती है मुख्‍य धारा की कविता?

08 जून 2021

कहने के लिए तो कविता का यह दौर मंचों पर धमाल मचा रहा है. कोरोना दौर से पहले साहित्‍य महोत्‍सवों में भी कविता का वाचिक मंच हमेशा ही स्थान पाता रहा, पर कविता का वाचिक वैभव दशकों पहले जितना संजीदा था, उतना आज बिल्‍कुल नहीं है. अब यह केवल मनोरंजनवादी हो गया है. ऐसे में क्‍या वाचिक सरसता व साहित्‍यिकता के वे दिन फिर लौटेंगे? .